मेरठ। साइबर अपराध, ठगी और धोखाधड़ी की रोकथाम और ठगों पर लगाम कसने के लिए रेंज में 15 अप्रैल से ऑपरेशन जालसाज चलाया जाएगा। रेंज के चारों जनपदों मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत में एंटी फ्रॉड टीम (एएफटी) का गठन किया गया है। ये टीम जालसाजों की कमर तोड़ेगी तथा अपराध पंजीकरण में होने वाले विलंब एवं जांच मे देरी की समस्या दूर करेगी। ठगों के विरूद्ध गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि नौकरी के नाम पर व अन्य प्रकार से ठगी करने वालो के विरूद्ध आए दिन शिकायतें मिलती हैं, जिससे गरीब लोगों का विशेष तौर से काफी अहित होता है। ऑपरेशन जालसाज के अंतर्गत सभी जनपदों में एंटी फ्रॉड टीम (एएफटी) तीन दिनों में जांच पूरी करेंगी। शिकायत सही पाए जाने पर अभियोग पंजीकरण आदि की कार्यवाही करेगी। टीम एक अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में रहेगी। डीआईजी ने चारों जिलों के एसएसपी और एसपी से कहा कि प्रत्येक 15 दिनों में पेंडेन्सी की जांच एसएसपी और पुलिस अधीक्षक स्वयं करेंगे। जांच के बाद हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की जाएंगी।
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ऐसे मामलों के खिलाफ चलेगा अभियान
- नौकरी का झांसा देकर आम जनता को ठगने वाले व्यक्ति व गिरोह
- भर्ती, सरकारी व अन्य कार्यों को सुगमता से कराने के नाम पर ठगी करने वाले
- अधिकारियों से सम्पर्क बताकर ठगी, फरेब करने वाले व्यक्ति और गिरोह
- सरकारी योजना या स्कीम का लाभार्थी बनाने के नाम पर ठगी करने वाले
- बहरुपिया बनकर फर्जी पहचान या आफिस दर्शाकर ठगी करने वाले
- फर्जी डिग्री, एडमिट, आधार, वीजा, पासपोर्ट, अंक तालिका बनाने पर
- जाली करेंसी, ठगी, टप्पेबाजी संबंधित ठगी पर
- मदद के नाम पर महिलाओं, वृद्धों आदि को ठगने वाले व्यक्ति व गिरोह
- साइबर अपराध करने वाले व्यक्ति व गिरोह
-अन्य संगठित ठगी करने वाले व्यक्ति और गिरोह