रघुकुल विहार में बंद पड़ा कारोबारी का मकान।
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कारोबारी श्रीमोहन और विनीत अरोड़ा का पूरा कारोबार घर से ही ऑपरेट होता था। घर के ही एक हिस्से में गोदाम तो था तो एक कमरे में लैपटॉप, प्रिंटर, फैक्स मशीन समेत तमाम चीजें उपलब्ध थी। एकाउंटेंट भी रखा हुआ था। माना जा रहा है कि कारोबारी के लैपटॉप में उनके बिजनेस के कई राज छिपे हो सकते हैं। पुलिस इनकी जांच में जुटी है।
परिवार के मिलने वालों ने बताया कि टीपी नगर की दुकान पर श्रीमोहन बैठते थे जबकि विनीत ज्यादातर घर और फील्ड में रहते थे। विनीत ही पार्टियों से डीलिंग करते थे। विनीत, उनका बेटा अभिषेक और
पत्नी पूजा कंप्यूटर में दक्ष थे। इसलिए यह लोग घर से ही बिजनेस संबंधी वर्क लैपटॉप पर करते थे। पुलिस मान रही है कि लैपटॉप से उनके बिजनेस संबंधी जानकारी हो सकती है। लिहाजा पुलिस ने इन्हें कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
कई दिन से बंद थी दुकान
उनकी टीपी नगर स्थित दुकान के पड़ोसी दुकानदार ने बताया कि घटना से चार-पांच दिन पहले से श्रीमोहन की दुकान बंद रहती थी। उनके ग्राहक आते थे। वे विनीत को फोन करते तो वह खुद को बीमार बताते थे। ग्राहकों से भी अच्छा व्यवहार था।
भाई साहब गाड़ी हटा लो
कारोबारी की दुकान के पड़ोसी एक मैकेनिक ने बताया कि उनकी दुकान पर जो वाहन ठीक होने आते थे। वह श्रीमोहन की दुकान के आगे खड़े हो जाते थे। लेकिन कभी उन्होंने झगड़ा नहीं किया। किसी ग्राहक की गाड़ी आती तो प्यार से कहते भाई ट्रक साइड में करा लो। कारोबारी के इस कदम से टीपी नगर के व्यापारी हैरान हैं।
रघुकुल विहार में चहल-पहल गायब
कारोबारी परिवार द्वारा सामूहिक रूप से आत्महत्या के बाद रघुकुल विहार की गली नंबर एक में पहले जैसी चहल पहल नहीं है। लोगों ने बताया कि शाम के समय यहां लोग गली में कुर्सी डालकर बैठते थे। महिलाएं आपस में बातें करती थीं। लेकिन रविवार शाम पांच बजे भी गली में सन्नाटा पसरा था। कोई भी गली से गुजरता तो विनीत के घर की तरफ उसकी नजर जाती।
हमें नहीं पता
परिवार के पांचों सदस्यों की रविवार को तेरहवीं और बरसी एक साथ करने के सवाल पर रघुकुल विहार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी। कॉलोनीवासियों ने बताया कि हमें इसकी कोई जानकारी नहीं है।