चौधरी चरण सिंह विवि ने यूजी में दाखिले के लिए ओपन मेरिट अभी टाल दी है। बृहस्पतिवार को छठवी मेरिट जारी की जाएगी। बुधवार को संपन्न हुई प्रवेश समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। 5 व 6 अगस्त को कॉलेजों में एडमिशन होंगे। उसके बाद विवि ओपन मेरिट पर फैसला होगा।
एडेड और राजकीय कॉलेजों की स्नातक सीटें भरने के लिए विवि को बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। शुरुआत में संभावना व्यक्त की जा रही थी कि विवि तीन चार मेरिट के बाद ही सीटों को भर लेगा। लेकिन पांच मेरिट के दाखिले होने के बाद भी हजारों सीटें खाली हैं।
ऐसे में प्रवेश की सुस्त गति व ओपन मेरिट को लेकर प्रवेश समिति की बैठक बुलाई गई। कुछ सदस्यों ने तर्क रखा कि कांवड़ यात्रा के कारण पांचवीं मेरिट से प्रवेश के लिए स्टूडेंट्स को कम समय मिला है। स्टूडेंट्स को अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिये। जिस पर कई सदस्यों से सहमती जताई तो कुछ सदस्यों ने कहा कि अतिरिक्त समय दिये जाने से बेहतर होगा कि विवि छठी मेरिट जारी कर दे। इससे बाकी लोगों को भी एडमिशन का मौका मिल जाएगा। इसके बाद भी अगर सीटें नहीं भर पाती हैं तो फिर ओपन मेरिट जारी कर दी जाए। सदस्यों ने इस पर सहमति जता दी।
बीपीएड, एमपीएड की परीक्षा 11 से
चौधरी चरण सिंह विवि से संबद्ध बीपीएड और एमपीएड कॉलेजों की परीक्षा अब 5 अगस्त की जगह 11 अगस्त से होंगी। पूरा शेड्यूल विवि की वेबसाइट पर डाल दिया गया है। बीपीएड की परीक्षाएं सुबह 11 से दोपहर 2 बजे के बीच संपन्न होंगी। एमपीएड की परीक्षाएं 11 से 2 बजे व 3 से छह बजे के बीच आयोजित की जाएगी। एमबीएड फर्स्ट ईयर शैक्षिक सत्र 2013-14 व 2014-15 की परीक्षाएं दोपहर तीन से शाम 6 बजे के बीच होगी। द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं 2011-12, 2013 व 2013-14 की परीक्षाएं 11 से 2 दोपहर दो बजे के होंगी।
एलएलएम में फेल होने पर आक्रोश
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि द्वारा जारी एलएलएम के रिजल्ट में बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने पर रोष बढ़ता जा रहा है। मेरठ कॉलेज व एनएएस कॉलेज के 40-50 छात्रों ने बुधवार को रजिस्ट्रार दीपचंद का घेराव किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि मेरठ कॉलेज में 110 छात्र फेल हैं, जबकि एनएएस कॉलेज के 80 में से 70 छात्रों को फेल किया गया है।
अब यह कैसे संभव हो सकता है कि किसी भी एक क्लास में इतनी बड़ी संख्या में छात्र फेल हो जाएं। छात्रों का आरोप था कि रिजल्ट जारी करने में गड़बड़ी हुई है। उधर, रजिस्ट्रार ने सभी छात्रों को भरोसा दिया कि उनके साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। विवि के उच्च अधिकारियों के सामने मामले को रखकर विचार किया जाएगा।