मेरठ नगर निगम द्वारा महानगर को ओडीएफ मुक्त करने के दावों में 10 वार्डों में फर्जीवाड़ा सामने आने पर हड़कंप मचा है। बताया जा रहा है कि अभी दूसरे अधिकारियों की रिपोर्ट आनी बाकी है। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि महानगर के सभी 90 वार्डों के शौचालय निर्माण में बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार पूरी रिपोर्ट आने के बाद मंडलायुक्त स्तर से इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है। मंडलायुक्त अनीता सी. मेश्राम ने अपर आयुक्त रजनीश राय की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी को दिसंबर माह में महानगर के सभी वार्डों में बने शौचालयों की जांच कराकर रिपोर्ट देनी थी।
कमेटी के सदस्य एडीएम सिटी मुकेश चंद्र ने नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवकों द्वारा नगर निगम के वार्ड एक से वार्ड दस तक केशौचालयों निर्माण का भौतिक सत्यापन कराया था। इन दस वार्डों में निगम द्वारा 1468 शौचालय निर्माण की सूची प्राप्त कराई गई थी। लेकिन मौके पर मात्र 712 शौचालय ही पूर्ण बने हुए मिले, जबकि 504 शौचालयों का कुछ पता ही नहीं चला।
‘अमर उजाला’ ने बुधवार के अंक में इसका खुलासा किया तो नगर निगम में हड़कंप मच गया। बताया गया कि अब दूसरे वार्डों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।