मेरठ। हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग के लिए रहे मेरठ बंद का असर निजी अस्पतालों में भी देखने को मिला। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के समर्थन की वजह से सभी निजी अस्पतालों में दिनभर ही ओपीडी बंद रहीं। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं। वहीं मेडिकल स्टोर बंद रहने से दवा लेने पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा।
वहीं बंद की वजह से जिला अस्पताल की ओपीडी में भी 50 प्रतिशत की कमी देखने को मिली और यहां सिर्फ 1200 मरीज ही पहुंचे। वहीं जो मरीज निजी अस्पतालों में परामर्श लेने पहुंचे उन्हें ओपीडी बंद होने के कारण बिना उपचार ही लौटना पड़ा। निजी चिकित्सक भी अपने क्लीनिक और अस्पताल बंद कर इस आंदोलन में शामिल रहे। इसके कारण सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा और सार्वजनिक वाहन नहीं चलने से देहात क्षेत्र के मरीज भी अस्पताल में नहीं पहुंच पाए।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विकाश कुमार ने बताया जिला अस्पताल में रोजाना आंखों के 250 मरीज आते हैं लेकिन बुधवार को 80 ही मरीज पहुंचे। सर्जन डॉ. राजकुमार ने बताया बंद की वजह से मरीज की संख्या कम रहीं। दयानंद, न्यूटीमा, निजी अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक नहीं बैठे। हालांकि सभी जगह इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं।