शामली, जलालाबाद। कैराना लोकसभा क्षेत्र की पांचों विधानसभा में कुल 16 बूथ ऐसे रहे जहां 40 फीसदी मतदाताओं ने भी वोट नहीं डाला। इसमें एक गांव तो ऐसा है जहां सिर्फ एक महिला व दो पुरुष कुल तीन वोटरों ने वोट डाली। चुनाव के प्रति लोगों की घटती रुचि चिंता का विषय है।
सबसे पहले शामली विधानसभा की बात करें तो यहां कुल चार बूथ ऐसे थे जहां 40 फीसदी से कम मतदान हुआ। इसमें हिंदू गुर्जर बाहुल्य गांव रसूलपुर गुजरान में दो बूथ थे। इनमें बूथ संख्या एक पर कुल 993 वोटरों में से मात्र तीन ने वोट डाले गए। वहीं बूथ संख्या दो पर 885 वोटरों में से एक भी मतदाता वोट डालने के लिए नहीं पहुंचा। इसके अलावा जाट बाहुल बहावड़ी गांव के जूनियर हाईस्कूल कमरा नंबर दो में 38.44 फीसदी व लांक गांव के जूनियर हाईस्कूल कमरा नंबर तीन में सिर्फ 39.50 फीसदी लोगों ने मतदान किया।
थानाभवन विधानसभा में कुल सात बूथ इस श्रेणी में आते हैं। इनमें पिंडोरा गांव के प्राइमरी पाठशाला नंबर दो के कमरा नंबर एक में 38.87 फीसबी, निरालसी उर्फ मारुखेड़ी के जूनियर हाईस्कूल कमरा नंबर चार में 29.96 फीसद, प्राइमरी स्कूल कमरा नंबर पांच थानाभवन में 39.46 फीसदी लोगों ने ही मतदान किया। इसके अलावा प्राइमरी स्कूल कमरा नंबर एक व पांच भैंसवाल गांव में क्रमशः 39.67, 36.37 फीसदी, बाबरी के जनता इंटर कॉलेज कमरा नंबर एक में 39.12 व जूनियर हाईस्कूल करौदा हाथी के कमरा नंबर एक में सिर्फ 36.89 फीसदी मतदाताओं ने ही वोट डाले।
कैराना विधानसभा में चार बूथों पर 40 फीसदी से कम मतदान हुआ। इनमें डीएवी इंटर कॉलेज कमरा नंबर 16 उन में 32.75, प्राथमिक विद्यालय कमरा नंबर तीन गांव रंगाना में 36.73, पूर्व माध्यमिक विद्यालय कमरा नंबर तीन ऊन में 37.38 व डीएवी इंटर कॉलेज ऊन कमरा नंबर नौ में मात्र 38.85 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। गंगोह विधानसभा क्षेत्र में इस श्रेणी के अंदर सिर्फ एक ब्यूटीज आता है। यहां सरस्वती जूनियर हाईस्कूल कमरा नंबर एक नानौता में 39.27 फीसदी मतदान हुआ। हालांकि नकुड़ विधानसभा क्षेत्र में 40 फीसदी से नीचे मतदान करने वाला एक भी बूथ नहीं है। साथ ही पांचों विधानसभा में नकुड़ क्षेत्र मतदान प्रतिशत में भी सबसे आगे रहा।