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जिले में अभी तक महज 18 शस्त्र लाइसेंस निलंबित

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मेरठ। जनपद में अपराधी और उनके परिजनों पर 218 शस्त्र लाइसेंस हैं। थाना स्तर से इन्हें निरस्त कराने के लिए एसएसपी को रिपोर्ट भेजी गई हैं। हालांकि इनमें से सिर्फ 18 शस्त्र लाइसेंस निलंबित हुए हैं। बाकी को लेकर अभी प्रक्रिया जारी है।
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प्रदेश में अपराधियों को बड़ी संख्या में शस्त्र लाइसेंस जारी हुए हैं। इनका खुलासा कानपुर के विकास दुबे प्रकरण के बाद हुआ। शासन स्तर से सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को शस्त्र लाइसेंस की जांचकर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए थे। इस पर जांच शुरू हुई तो जनपद में 161 अपराधियों और 57 उनके परिजनों एवं रिश्तेदारों पर शस्त्र लाइसेंस हैं। पुलिस की जांच में सामने आया अपराधी मुकदमे में नामजद होने के चलते खुद के बजाय पत्नी या फिर परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर लाइसेंस बनवा लेता है।
बद्दो के करीबी सात लोगों पर कार्रवाई
पुलिस के अनुसार बदन सिंह बद्दो के करीबी रहे सात लोगों की रिपोर्ट एसएसपी ने डीएम को भेजी थी। इस पर डीएम ने सातों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। कंकरखेड़ा, टीपीनगर, सदर बाजार, नौचंदी व हस्तिनापुर से 11 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित कराए गए हैं। उन्होंने शस्त्र से हवाई फायरिंग या फिर हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। इसके अतिरिक्त 200 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई जारी है।
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भदौड़ा और उधम के चार रिश्तेदार
पुलिस ने योगेश भदौड़ा व उधम सिंह के रिश्तेदारों की भी कुंडली खंगाली है। दावा किया है कि योगेश के तीन व उधम सिंह का एक रिश्तेदार लाइसेंसधारक हैं। बताया कि दो लाइसेंस बागपत तथा एक-एक बिजनौर एवं बुलंदशहर जिले से बने हैं। इनकी भी जांच कराई जा रही है।
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