डायरेक्ट्रेट जरनल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस (डीजीसीईआई) के रडार पर ऑनलाइन कारोबार से जुड़ीं वे तमाम कंपनियां हैं, जो किराना स्टोर से लेकर अन्य प्रोडक्ट बेच रहे हैं। क्योंकि अभी तक की जांच से साफ हुआ है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिये पैसा कमाने वाली कंपनियां अपना कारोबार दूसरे कारोबारों पर शिफ्ट कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार धोखाधड़ी से कमाया गया पैसा ठिकाने लगाने के लिए ऐसी कंपनियों ने ऑनलाइन प्रोडक्ट बेचने का कारोबार भी तेजी से फैलाया है। हाल ही में एक कंपनी अपने ऑनलाइन किराना स्टोर को लेकर खासी चर्चा में है। जिसको लेकर डीजीसीईआई के पास विस्तृत शिकायत है। कंपनी पर धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं, जिसकी पहले से जांच चल रही है।
सूत्र बताते हैं कि सोशल ट्रेडिंग की धोखाधड़ी में गिरफ्तार अनुभव मित्तल भी अपना कारोबार प्रोडक्ट की बिक्री की तरफ शिफ्ट कर रहा था। कंपनी नया प्लान लेकर आई थी, जिसमें 57500 की जगह पर अब 65 हजार देने पड़े थे। एक फरवरी से प्लान भी जारी कर दिया था और उन प्रोडक्ट को एक पोर्टल पर डाल दिया गया था। जिन्हें 65 हजार रुपये के बदले कोई भी व्यक्ति चयन कर सकता है। कंपनी प्लान खरीदे जाने के बाद उनकी कीमत के प्रोडक्ट निर्धारित अवधि में देती। बाकी का लाभ कैश में ग्राहक के एकाउंट में ट्रांसफर किया जाता। डीजीसीईआई सूत्रों का कहना है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ीं करीब 19 कंपनियों ने हाल के कुछ महीनों में ऑनलाइन शॉपिंग का काम भी शुरू किया है। जिसमें से अधिकांश कंपनियां नोएडा में संचालित हैं। कुछ कंपनियां दिल्ली व गुड़गांव के पते पर पंजीकृत हैं।
बड़े होटलों में भव्य आयोजन
ऑनलाइन ट्रेडिंग के कारोबार को खड़ा करने के लिए कंपनियों ने लग्जरी आयोजन किए हैं। गाजियाबाद निवासी एके जैन ने डीजीसीईआई से की शिकायत में बताया कि इन कंपनियों ने अपनी भव्य तरीके से ओपनिंग की है। जिसका समारोह बड़े होटलों में किया गया। ऐसे आयोजन में गिफ्ट देने पर करीब दो करोड़ और आयोजन पर करीब एक करोड़ रुपया तक खर्च किया गया। अब ऐसी सारी कंपनियों की कुंडली डीजीसीईआई द्वारा खंगाली जा रही है।