शहर की महिलाएं ऑनलाइन गार्डनिंग के गुर सिखा रहीं हैं। फेसबुक, व्हाट्सएप ग्रुप और पर्सनल सोशल मीडिया की मदद से महिलाएं दूसरे शहरों के लोगों को घर में ही रसायन रहित खेती के टिप्स दे रही हैं। हर रोज हरियाली से जुड़ी कु छ नई चीजें लोगों के साथ साझा कर रही हैं। हरियाली के लिए इन्होंने ब्लॉग, फेसबुक पेज, ट्विटर, व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल कम्युनिटी ग्रुप बनाए हैं।
ब्लॉग पर साझा सीज़नल टिप्स
साकेत निवासी रुबी रस्तोगी को बचपन से ही गार्डनिंग का शौक रहा है। उन्होंने बताया कि शादी के बाद यह शौक और बढ़ गया। लंबे समय से किचन गार्डन एसोसिएशन और वर्ल्ड फोलिगिएज सोसाइटी से जुड़ी हूं। फॉरेन प्लांट्स को इंडियन क्लाइमेट में कैसे सर्वाइव कराएं इसको लेकर मैंने काफी टिप्स ग्रुप में दिए है। घर में गार्डन डेवलप करने की कई नॉलेज मुझे उस पेज से मिली भी है। मैं जल्द ही अपना ब्लॉक हरियाली भी शुरू करने जा रही हूं।
प्लांट्स डेकोरेशन के देती हूं आइडिया
प्रभात नगर निवासी सुप्रिया को इंटीरियर डिजायनिंग और प्लांट्स डिजायनिंग का शौक है। ग्रुप में सुप्रिया के बनाए प्लांट्स को हमेशा सराहना मिलती है। सुप्रिया ने दूसरे लोगों की मदद के लिए फेसबुक पर प्लांट्स डेकोरेशन के फोटो डालने शुरू किए तो लोगों को काफी मदद मिली। सुप्रिया एफबी और व्हाट्सएप पर भी प्लांट्स की फोटो, डेकोरेशन के नए स्टाइल साझा करती हैं।
नॉलेज इंप्रूव करने का बेहतरीन साधन
कृष्णा फ्लोर मिल्स निवासी सीमा जैन पांच साल से किचन गार्डन से जुड़ी हैं। सीमा कहती हैं हमें अपने ही मेंबर्स से ऑनलाइन जो नॉलेज मिलती है, वो बहुत अच्छी और नई होती है। बोनसाई, फर्न घर में ही उगाना। बोनसाई को सैटल करना, मौसम के अनुसार क्या करें यह सब ग्रुप में पता चलता है।
घर में बनवाए खादपिट
पुरानी प्रेमपुरी निवासी मंजू ने अपने ग्रुप में सभी साथियों क ो घर में ही खाद पिट बनाना सिखाया है। मंजू कहती हैं कि फेसबुक पर कई फ्रैंड्स ने बताया कि उनके प्लांट्स ग्रो नहीं कर पाते, उनके पास प्रॉपर खाद नहीं है। उनक ो मैंने किचन वेस्टेज को यूज करने को कहा, लेकिन वेस्ट कैसे यूज करें इसकी दिक्कत थी। मैंने मोबाइल से अपना वीडियो बनाया और अपने पिट को दिखाते हुए उसे फेसबुक पर अपलोड किया तो काफी लोगों को मदद मिली। मैंने ग्रीन लेडी नाम से अपना ग्रुप भी सोशल मीडिया पर बनाया हुआ है।
हेल्थ सप्लीमेंट से करें खेती
रेलवे रोड निवासी नीरा ने एक दिन घर में पड़े कुछ हेल्थ सप्लीमेंट कैप्सूल और टेबलेट का एक बर्तन में घोल बनाया। इस घोल को पौधों पर स्प्रे किया तो ग्रोथ अच्छी हुई। उन्होंने अपनी यह ट्रिक पूरे ग्रुप में फोटोज के साथ शेयर की तो उसे काफी लाइक्स मिले। कई लोगों ने इस ट्रिक को अपनाया। उन्होंने बताया कि फेसबुक पर किचन गार्डन के पेज के अलावा अपना ग्रीन अर्थ पेज भी संचालित करती हूं।
उपहार में भी खाद, पौधे
महिलाओं का कोई भी आयोजन, सेमिनार या कार्यशाला क्यों न हो उसमें उपहार स्वरूप पौधे, खाद, बीज या गार्डन एसेसरीज ही दी जाती हैं। एक दूसरे के जन्मदिन, शादी समारोह, विवाह वर्षगांठ पर इनका लेनदेन होता है। जो राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर की होती हैं। महिलाएं जहां भी कहीं घूमने जाती हैं वहां से उस स्थान विशेष के पौधे, वनस्पति, बीज या खाद ही लेकर आती हैं। इनके कलेक्शन में विविधता आसानी से देखी जा सकती है।
एग्जीबिशन और मेलों का आयोजन
किचन गार्डन एसोसिएशन की ओर से साल में दो बार पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। इसमें कई प्रकार के कांटेस्ट भी होते हैं। इसके अलावा हर महीने गार्डनिंग से जुड़ी जानकारियों के लिए सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन भी होता है। जिसमें विशेषज्ञों द्वारा बोनसाई, गार्डनिंग, फूलों के रखरखाव, फ्लावर मेकिंग आदि से जुड़ी जानकारियां दी जाती हैं।