थ्योरी के विषयों में ज्यादा परेशानी
12वीं में कला संवर्ग और थ्योरी वाले विषयों के विद्यार्थियों के लिए अब राइटिंग स्पीड बढ़ाना चुनौती है। गणित, विज्ञान जैसे प्रयोगात्मक विषयों में तो छात्र प्रैक्टिकल और सवालों को हल करके टाइम मैनेजमेंट कर सकते हैं लेकिन इतिहास, भूगोल, हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र जैसे अन्य थ्योरी विषयों में अधिक दिक्कत है। इसमें छात्र को प्रश्नों के उत्तर लिखने होते हैं। थ्योरी के आधार पर ही अंक मिलते हैं।
कलम-कॉपी कम, कीबोर्ड से चला काम
मार्च में लॉकडाउन के कुछ समय बाद सभी विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई। पहले छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ने में समस्या आई। जब सिलसिलेवार ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हुई तो कीबोर्ड और स्क्रीन पर काम अधिक हुआ। कलम, कॉपी और लिखने का काम कम हो गया। सीमित समय के लिए कक्षाएं हुईं। होमवर्क व प्रोजेक्ट वर्क व लिखने के अन्य गतिविधियां भी नहीं हो सकी। इसका सीधा असर छात्रों की लेखन गति पर आया।
गति पर पड़ा है असर
लगभग सात महीने से छात्र ऑनलाइन कक्षा में थे। इसमें लिखने का काम रुटीन क्लास से कम था। इससे राइटिंग स्पीड कम हुई है। अब राइटिंग सेशन में लिखने का अभ्यास भी कराएंगे। - एके दुबे, प्रिंसिपल, दीवान पब्लिक स्कूल
चलाएंगे राइटिंग सेशन
पहले जो छात्र क्लास में पांच से सात मिनट में एक पन्ना भर देता था, अब इसे लिखने में 10-12 मिनट लग रहे हैं। बोर्ड परीक्षा के रिवीजन के साथ राइटिंग सेशन भी चलाएंगे। - राहुल केसरवानी, सचिव, सहोदय