वंश और विक्की पक्के दोस्त थे। घर के पास ही कोचिंग सेंटर था, इसलिए रोजाना दोनों पैदल ही कोचिंग जाते थे। सहपाठी कार्तिक के अनुसार वंश पापा की बाइक ले गया था और पल भर में हुए हादसे ने दोनों परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस घटना से परिजन ही नहीं बल्कि उनके दोस्त भी सदमे में हैं।
पापा नहीं देते थे बाइक
एसओ मेडिकल के अनुसार वंश घर का इकलौता चिराग था। घर में बाइक और स्कूटी होते हुए भी उसके पापा संजीव शर्मा वंश को बाइक या स्कूटी ले जाने नहीं देते थे। लेकिन वंश बिना बताए बाइक ले गया था। इस हादसे ने घर का इकलौता चिराग बुझा दिया।
दोनों परिवारों में कोहराम
वंश के पिता गैस एजेंसी में काम करते हैं। जबकि विक्की के पिता आनंद नागर रोडवेज कर्मी हैं। इस हादसे के बाद दोनों परिवारों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। वंश की मां सरिता के अलावा विक्की के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
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