हस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 16वें दिन भाव भूषण महाराज ने कहा कि सब कुछ भाग्य के भरोसे नहीं हो सकता।
विधानाचार्य नीतेश एवं दीपक शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। नवीन कुमार जैन ने स्वर्ण कलश से अभिषेक किया। शांतिधारा संजय जैन ने की। दीप प्रज्ज्वलन निधि जैन और राजीव जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया।
आदिनाथ भगवान की पूजन और सभी तीर्थंकरों को अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। 181 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। स्थानीय जैन समाज ने बढ़-चढ़कर कार्यक्रम में भाग लिया।
विधान के मध्य भाव भूषण महाराज ने कहा कि अकेले भाग्य के भरोसे कुछ नहीं होता। भाग्य, पुरुषार्थ और गुरु के आशीर्वाद से मानव जीवन तीर्थ बन जाता है। मां की कृपा से गुरु की शरण मिलती है। प्रभु की भक्ति आसान है, लेकिन गुरु की भक्ति मुश्किल है, क्योंकि भगवान भक्त की प्रार्थना सुनते हैं, लेकिन गुरु तो अनुशासन सिखाते हैं। विधान का विसर्जन गुरुकुल के बच्चों ने किया।
पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन सुदर्शन जैन, सोनिया जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन अशोक जैन, चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन राजीव जैन ने किया। प्रश्नमंच के विजेताओं को विपिन जैन ने पुरस्कृत किया।
इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, धनपाल जैनी, उमेश जैन, दीपक जैन, अतुल जैन, योगेशचंद जैन, मयंक जैन का सहयोग रहा।