हस्तिनापुर। गांव मखदूमपुर में गंगा के तट पर लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेले की तैयारी इस समय जोरों पर चल रही हैं। उद्घाटन में मात्र एक दिन शेष रह गया है, लेकिन तैयारी अभी आधी अधूरी हैं।
जिला पंचायत द्वारा आयोजित पांच दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में दूरदराज से आए दुकानदारों ने अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए दुकानों को सजा लिया है। खरीदारी के लिए स्थानीय लोगों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। जिला पंचायत के अधिकारियों का मानना है कि उद्घाटन के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या में हर रोज इजाफा होगा।
मखदूमपुर गंगा घाट पर आस्था के चलते लाखों श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए दीपदान और पिंडदान करते हैं। श्रद्धालुओं कि सुविधाओं को देखते हुए मेला स्थल पर इस समय पेयजल व्यवस्था के लिए हैंडपंप, बिजली व्यवस्था, सामुदायिक शौचालय और रास्तों पर पानी छिड़काव का कार्य चल रहा है। गंगा तट पर घाट बनाए जा रहे हैं। आगामी दो दिनों में मेले में श्रद्धालुओं के अधिक संख्या में पहुंचने से इसकी रौनक और अधिक बढ़ जाएगी। सोमवार मेले के उद्घाटन से पूर्व जिला पंचायत के अधिकारी सभी तैयारियां को पूरा करने के लिए दिन-रात लगे हुए हैं।
पूर्ण रूप से दुरुस्त नहीं हुए रास्ते
ग्रामीणों का कहना है कि मेला स्थल तक जाने वाले रास्तों पर अभी काफी धूल उड़ रही है, जहां पर श्रद्धालुओं को धूल भरे रास्तों से गुजरना पड़ेगा। मेला स्थल पर जाने वाले रास्तों को अभी पूर्ण रूप से दुरुस्त नहीं किया गया है।
गंगा मेले में होंगे फायर स्टेशन
मखदूमपुर गंगा मेेले में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए फायर स्टेशन भी बनाया गया है। यहां पर दमकल के अधिकारी और कर्मचारी आग बुझाने की गाड़ियों और उपकरणों के साथ मेले में मुस्तैद रहेंगे। फायर स्टेशन बनाने का काम तेजी से चल रहा है।
मेले के मार्गाें पर तैनात रहेंगी एंबुलेंस
मेले में एक अस्थायी अस्पताल तैयार किया जा रहा है। इसमें 24 घंटे इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। मेला परिसर और विभिन्न मार्गों पर पांच एंबुलेंस तैनात की जाएंगी। इसके अतिरिक्त दो एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस मेला सीएचसी पर रहेंगी। एंबुलेंस में 24 घंटे एक डॉक्टर और एलटी तैनात रहेंगे। इमरजेंसी के लिए सीएचसी हस्तिनापुर और मवाना को मुख्य सेंटर बनाया है।