खरखौदा। धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक मकान में कृभको कंपनी के बोरों में नकली डीएपी व ब्रांडेड कंपनी के नाम से सरसों के बीज पैक करते हुए खरखौदा पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से सैकड़ों खाली बोरे, पैकिंग मशीन व नकली उर्वरक बरामद किया है। जिला कृषि अधिकारी ने ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली माल पैक करने की पुष्टि की है।
मंगलवार को खरखौदा पुलिस ने नकली रासायनिक खाद बनाने की मुखबिर की सूचना पर धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में नितिन पुत्र सत्यवीर गुर्जर के मकान पर छापा मारा। यहां से बड़ी मात्रा में कृभको कंपनी के बोरों में नकली डीएपी व पायनियर कंपनी के नकली रैपर में सरसों का बीज सहित पैकिंग करने की मशीन सैकड़ों कृभको कंपनी के खाली बोरे व पायनियर कंपनी के खाली रैपर सहित अन्य सामान भी बरामद किया। पुलिस मौके से नितिन को हिरासत में लेकर थाना ले आई। बाद में नकली उर्वरक पैकिंग करने की पुलिस की सूचना पर जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार सहित कृभको कंपनी व पायनियर कंपनी के सभी अधिकारी थाने पहुंच गए। जहां कृभको कंपनी के मैनेजर ने कंपनी के नाम पर नकली रैपर में नकली डीएपी व पायनियर कंपनी के एरिया मैनेजर ने नकली रैपर में नकली सरसों का बीज पैकिंग करने के भी पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद संबंधित विभाग आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएगा।
वर्जन
मौके पर जाकर मामले की जांच की गई, जहां ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली खाद पैक होता मिला है। संबंधित विभाग इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराएगा। राजीव कुमार, जिला कृषि अधिकारी मेरठ
नकली खाद बनाने की सूचना पर खरखौदा पुलिस ने छापा मारा था। जहां से ब्रांडेड कंपनी के नाम से पैक हुआ नकली खाद व अन्य सामान भी बरामद हुआ है। संबंधित विभाग इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराएगा। पवन चौधरी, सीओ किठौर
मेरठ सहित कई जिलों में की जा रही है आपूर्ति
संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि यह पैकिंग उर्वरक के बोरे हापुड़, मेरठ, गाजियाबाद के कई दुकानदारों को सप्लाई किया जा रहे थे। जिससे किसानों के साथ ही कंपनी को भी नुकसान हो रहा था।
असली व नकली डीएपी खाद की ऐसे करें पहचान
सबसे पहले डीएपी के कुछ दानों को अपने हाथ में लें। अब इसे तंबाकू की तरह उसमें चूना मिलाकार उसे कुछ देर के लिए मसलें। इसको मसलने के बाद यदि आपको इसमें से ऐसा तेज गंध निकले, जिसे सूंघना बहुत मुश्किल हो जाए, तो समझ लें कि ये डीएपी खाद असली है। इसी के साथ ही असली डीएपी सख्त, दानेदार और भूरे व काले रंग की होती है। यदि आप इसे नाखूनों से तोड़ने की कोशिश करेंगे तो यह आसानी से नहीं टूटेगी। डीएपी नकली होगी तो इसके दाने नाखून से टूट जाएंगे।