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बागपत जेल में सुनील राठी की दबंगई पर ऐसे सनसनीखेज खुलासे, पुलिस के उड़े होश

Wed, 11 Jul 2018 10:02 PM IST
न्यूज,डेस्क अमर उजाला, मेरठ
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सुनील राठी कोर्ट में पेश करने ले जाते हुए. - फोटो : amarujala
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पूर्वांचल के माफिया मुन्ना बजरंगी के हत्यारोपी सुनील राठी के बारे में बागपत जेल में ऐसे ऐसे सनसनीखेज खुलासे हुए हैं, जिसके बारे में सुनते ही पुलिस के होश उड़ गए हैं। माना ये भी जा रहा है कि बजरंगी की हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। इसका ताना-बाना एक माह से बुना जा रहा था। बागपत के अफसरों ने वरिष्ठ अफसरों को जो बातें बताई हैं उससे पुलिस अफसरों के भी होश उड़ गए हैं। जेल के अंदर राठी का अलग ही शासन चलता था।

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सूत्रों का कहना है कि हत्या के समय राठी के चार और साथी मौके पर मौजूद थे, जो उसी जेल में दूसरी बैरक में बंद हैं। सुनियोजित तरीके से सुबह लगभग सवा छह बजे राठी ने अपने साथियों को तन्हाई बैरक में बुला लिया था। नाम न छापे जाने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि मुन्ना बजरंगी की हत्या के समय दूसरी बैरक के चार से पांच लोगों के तन्हाई बैरक में होने की पुष्टि हुई है, जहां पर मुन्ना बजरंगी की हत्या की गई। यह सभी बागपत के ही रहने वाले हैं। सूत्रों का दावा है कि सुनील राठी को बागपत जेल में विशेष सुविधाएं हासिल थीं। उसे व उसकेलोगों के आने जाने पर किसी तरह की कोई जांच या चेकिंग नहीं की जाती थी। उसकेलोग जेल के अंदर मोबाइल का प्रयोग धड़ल्ले से करते थे।

एक महीने पहले कौन मिला था राठी से?

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पूरे जेल परिसर में सुनील राठी की ही चलती थी। सुनील राठी के लिए खाना, कपड़ा और अन्य सामान उसके घर से आता था जिसकी कोई जांच नहीं की जाती थी। जेल के अंदर ही नहीं बाहर भी राठी के चाहने वालों की संख्या कम नहीं है। मंगलवार को जब यह घटना हुई और जेल के बाहर खबर आई तो सुनील राठी के समर्थकों का वहां पर जमावड़ा शुरू हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस के सामने सुनील राठी के पक्ष में बोलने लगे और चेतावनी दी कि सुनील राठी को कुछ नहीं होना चाहिए।


एक माह पहले से बुना जा रहा था हत्या का ताना-बाना
पुलिस सूत्रों की मानें तो लगभग एक माह पहले पूर्वांचल के एक बाहुबली ने जेल के अंदर राठी से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि उसी समय से मुन्ना बजरंगी की हत्या का ताना बाना बुना जा रहा था। मुन्ना को पहले जून में ही बागपत की अदालत में पेश होना था। लेकिन बीमारी का हवाला देकर वह दो तारीखों पर उपस्थित नहीं हुआ। इस बार जब कोर्ट ने पेशी की तारीख तय की तो इसे हर हाल में पेश करने का फरमान सुनाया गया। सूत्रों का कहना है कि तीन दिन पहले जेल के अंदर एक अन्य व्यक्ति ने जेल के अंदर राठी से मुलाकात की, जिसकी रजिस्टर में कोई इंट्री नहीं की गई। 
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विक्की सुनहरा से भी पुलिस ने की पूछताछ

पुलिस ने मुन्ना के साथ रात में साथ रहने वाले विक्की सुनहरा से भी पूछताछ की है। विक्की सुनहरा ने पुलिस को बताया कि मुन्ना के पास किसी तरह का कोई असलहा नहीं था। मुन्ना सुबह सवा पांच से साढ़े पांच बजे के बीच उठ गया था। छह बजे बैरक खुलने के बाद वह बाहर आया जहां उसकी मुलाकात सुनील राठी से हुई। सुनहरा ने पुलिस को बताया कि वह बाथरूम चला गया और तभी गोलियों की तड़तड़ाहट से वह डर गया और बाहर आया तो देखा सामने मुन्ना की लाश पड़ी थी।

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