तत्कालीन आईजी ने दिया था गनर
धनेंद्र जैन को एक गनर तत्कालीन आईजी रामकुमार वर्मा ने दिया था। सिपाही की बागपत से पोस्टिंग थी और उसको मेरठ से अटैच किया गया था। गनर देने में धनेंद्र जैन ने क्या हवाला दिया था, इसकी जांच उच्चस्तर से की जा रही है। आईजी आलोक सिंह को गनर होने का पता चला, तभी उसको हटाया गया। पुलिस ने बागपत से भी उसका रिकॉर्ड मांगा है।
बागपत से मिला गनर भी हटाया
तेल कारोबारी धनेंद्र जैन को बागपत से दिया गया गनर भी हटा लिया गया है। शासन ने मामले की जानकारी ली। एक साल पहले मंडलीय समिति की संस्तुति पर गनर दिया गया था। दूसरे गनर की समय अवधि पूरी होने के कारण उसे मूल तैनाती स्थल पर बागपत भेजने के लिए आईजी को पत्र लिखा गया है। आरआई बागपत किशोर रौतेला ने बताया कि धनेंद्र जैन को चार अगस्त 2018 को बागपत से गनर दिया गया था। जैन ने मेरठ से बड़ौत आवागमन के दौरान सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए गनर की मांग की थी।
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इसके बाद मंडलीय समिति की संस्तुति के आधार पर हेड कांस्टेबल सतवीर को दिया गया था। सोमवार को सतवीर को हटा लिया गया है। अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी ली है। इसके अलावा बागपत के सिपाही योगेश को आईजी कार्यालय से संबद्ध किया गया था। मेरठ से योगेश को गनर के तौर पर धनेंद्र जैन के साथ भेजा गया था।
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