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Meerut News: संपूर्ण समाधान दिवस में अफसर नहीं पहुंचे, फरियादी मायूस

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सरधना। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर अ​धिकारी नहीं पहुंचने पर खाली पड़कुर्सियां। संवाद
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सरधना। शनिवार को तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकांश अधिकारी अनुपस्थित रहे, जिससे फरियादियों को निराशा का सामना करना पड़ा। समय पर न पहुंचने के कारण सभागार की कुर्सियां खाली रहीं। जबकि फरियादी अपनी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए सुबह से ही उपस्थित थे।
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ग्रामीणों ने बताया कि कई फरियादी दस बजे ही सभागार पहुंच गए थे लेकिन देर तक प्रतीक्षा के बाद भी कोई अधिकारी नहीं आया। मुकर्रबपुर पल्हेड़ा निवासी विजेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें जमीन पर कुर्रबंदी से पहले नाप करानी थी लेकिन अधिकारी नहीं पहुंचे। इसके अलावा ग्राम नंगली आंजड, सलेमपुर निवासी नरेश और पौहल्ली निवासी राजवीर सिंह व गांव सिवाया निवासी जगेश ने बताया कि उनकी जमीन पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर लिया है और उसे बेचने की फिराक में हैं। कई फरियादी प्रार्थना पत्र लेकर सभागार के बाहर इंतजार करते रहे। हालांकि तहसील प्रशासन ने बताया कि अधिकांश अधिकारी मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में व्यस्त होने के कारण संपूर्ण समाधान दिवस में शामिल नहीं हो सके। फरियादियों ने अधिकारियों की अनुपस्थिति से निराशा व्यक्त की और कुछ लोग समाधान की उम्मीद छोड़कर घर लौट गए।
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने कहा संपूर्ण समाधान दिवस और एसआइआर दोनों कार्यक्रम एक साथ चल रहे थे। संबंधित विभाग के अधिकारी सभागार में मौजूद हैं। एसआइआर में मैपिंग का कार्य चल रहा है और बीएलओ भी आए हुए हैं। कुछ समय के लिए व्यस्तता हो गई थी।
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संपूर्ण समाधान दिवस: 58 फरियादियों में से केवल सात का निस्तारण
मवाना। उपजिलाधिकारी संतोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में आम लोगों की शिकायतों का अंबार लग गया, लेकिन अधिकांश शिकायतें अनसुलझी रह गईं। प्राप्त 58 शिकायतों में से केवल सात का ही मौके पर निस्तारण हो सका। इससे फरियादियों में निराशा दिखी। इस अवसर पर तहसील व अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
संपूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें अवैध कब्जों से संबंधित मामले प्रमुख रहे। वीरपाल खालिदपुर ने सरकारी चकरोड व नाली को कब्जा मुक्त कराने, भूलेराम सिखेडा ने तालाब से अतिक्रमण हटवाने, जमील ढिकौली ने दीवार निर्माण में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई और ओमप्रकाश इकवारा ने मकान के रास्ते से अवैध कब्जा हटवाने की गुहार लगाई। सुरेंद्र कौर गेसूपुर ने सरकारी नाली को कब्जा मुक्त कराने और लख्मीचंद पुठ्ठी ने कुएं को अतिक्रमण मुक्त कराने की शिकायत की।

अन्य शिकायतों में परमानंद गिरी असीलपुर ने सूख रही फसल के लिए टयूवैल से पानी उपलब्ध कराने, अशोक मोहल्ला तिहाई ने मकान से अवैध कब्जा हटवाने, विपिन कुमार अंदरावली ने खतौनी में सही नाम दर्ज कराने, और सत्यवीर नंगली खादर ने सरकारी नल को ठीक कराने की मांग की।
भावुक हुआ फरियादी

गांव गुढा निवासी ओपी सिंह अपनी मां के साथ उपजिलाधिकारी के समक्ष अपनी व्यथा लेकर पहुंचे। एसडीएम के सामने शिकायत सुनाते हुए वे भावुक हो गए और रोने लगे। उनका आरोप था कि गांव की एक महिला सहित तीन लोगों ने उनकी गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और पुलिस की सांठगांठ से उन्हें बंद करा दिया गया। आज सुबह डोले में मिट्टी डालने के दौरान आरोपियों ने पुनः मारपीट कर कपड़े फाड़ दिए। उपजिलाधिकारी ने किसान को शांत कराया और थाना प्रभारी हस्तिनापुर को निर्देश दिए कि किसान को परेशान न किया जाए और उनकी समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। इसके बाद किसान का रोना बंद हुआ।
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