स्मार्ट सिटी का सपना संजोये क्रांतिधरा के लोगों को इस बार भी झटका लग सकता है। क्योंकि नगर निगम को इस प्रपोजल की खास शर्तों को पूरा करने की सुध तक नहीं है। न तो निगम और एलईडी कंपनी के बीच अभी तक समझौता हुआ, और न ही गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए अनुबंध हो पाया है। जबकि ये दोनों महत्वपूर्ण बिंदु स्मार्ट सिटी प्रपोजल में शामिल हैं। कहा जा रहा है कि एलईडी कंपनी ने मेरठ में काम करने से ही हाथ खड़े कर दिए हैं।
एक साल से लटका अनुबंध
स्मार्ट सिटी के बिंदु में एलईडी को स्थान दिया गया है। लेकिन हर बार प्रपोजल सामने आते ही निगम प्रशासन हरकत में दिखाई दिया। एक साल गुजर गया। लेकिन निगम प्रशासन और कंपनी के बीच लिखित अनुबंध नहीं हुआ। दरअसल कई कंपनियों से वार्ता करने के बाद महापौर के सुझाव पर शहर में ईईएसएल कंपनी को एलईडी लगाने के लिए मौका दिया गया था। लेकिन कंपनी ने निगम प्रशासन द्वारा सिक्योरिटी जमा करने की शर्त मानने से इंकार कर दिया। यही कारण है कि अभी तक अनुबंध नहीं हो पाया है। अब भाजपा की सरकार आते ही बैकफुट पर आए निगम अधिकारी किसी भी शर्त पर अनुबंध शीघ्र करने की तैयारी में हैं।
कूड़ा निस्तारण योजना का यह हाल
निगम ने कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए शोलापुर (महाराष्ट्र) की कंपनी से वार्ता की थी। जिसके तहत गांवड़ी गांव में निगम भूमि पर प्लांट का शिलान्यास भी हो गया था। लेकिन अभी तक निगम और कंपनी के बीच अनुबंध तक नहीं हो पाया। इसके तहत शहर से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का अनुबंध भी किसी कंपनी से होना था। जिसे पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। डोर-टृ-डोर योजना से कन्नी काटते हुए निगम अफसरों का कहना है कि गांवड़ी प्लांट पर हमारा अनुबंध तैयार है। इसे जल्द मूर्त रूप दे दिया जाएगा।
वोटिंग भी चल रही स्लो
स्मार्ट सिटी की वोटिंग भी होली के त्योहार को लेकर काफी स्लो हो गई है। बता दें कि 31 मार्च को निगम प्रशासन को भारत सरकार को दिल्ली में स्मार्ट सिटी प्रपोजल सौंपना है। जबकि इससे दो बार लखनऊ में स्मार्ट सिटी सेल के समक्ष इस प्रपोजल को रखना है। प्रपोजल में जितनी महत्वपूर्ण वोटिंग हैं, उतने ही महत्वपूर्ण यह दोनों प्वाइंट हैं। अगर किसी भी पार्ट पर कोई कमी रह गई तो स्मार्ट सिटी को लेकर फिर से फजीहत झेलनी पड़ सकती है। महापौर का कहना है कि होली को लेकर वोटिंग कराने का काम थोड़ा ढीला पड़ गया था। लेकिन बुधवार से फिर से सामाजिक संस्थाओं के साथ बैठक कर वोटिंग अभियान को गति दी जाएगी।