- डिप्टी सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया
संवाद न्यूज एजेंसी
परीक्षितगढ़। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को पहले से बेहतर बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। हृदय रोग के मरीजों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय पर स्थित अस्पतालों के लिए भागना नहीं पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू किए गए स्टेमी प्रोग्राम के तहत अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही दिल के मरीजों का त्वरित उपचार संभव हो सकेगा। डिप्टी सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।
डिप्टी सीएमओ सुधीर कुमार ने बताया कि हृदय घात एक गंभीर रोग है। हार्ट अटैक के शुरुआती 60-90 मिनट मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। गंभीर हालत में हृदय घात के मरीजों के लिए सीएचसी पर ईसीजी मशीन और जरूरी लाइफ सेविंग इंजेक्शन व दवाइयों की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है। हमारी प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। स्टेमी प्रोग्राम के जरिए मौत के आंकड़ों को कम करना है। सीएचसी के डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने सीएचसी परिसर में एएनएम व गांव आसिफाबाद में पहुंचकर स्वास्थ्य कर्मियों को संचारी रोग अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
सीएचसी प्रभारी डॉ. रवि शंकर शर्मा ने बताया कि सीने में दर्द, भारीपन जैसे लक्षणों को नजर अंदाज न करें और तुरंत नजदीकी सीएचसी पर पहुंचकर त्वरित उपचार कराएं।
इस दौरान डॉ. प्रियंका सिंघल, डॉ. लता, डॉ. बृजेश, फार्मासिस्ट आशीष चौधरी, बीपीएम इकरार अहमद, बीसीपीएम शाह आलम, जसवीर कुमार, नरेंद्र ,विजय, जितेंद्र, सुभाष, शिवम आदि मौजूद रहे।