स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देने के लिए शहर में सेंसर वाले शौचालय बनाए जाएंगे। हाल ही में लखनऊ में हुई नगर विकास विभाग की बैठक में शौचालयों पर जोर दिया गया था। इसके चलते बृहस्पतिवार को एमडीए सभागार में एमडीए उपाध्यक्ष राजेश पांडेय, नगरायुक्त अरविंद चौरसिया, एमडीए मुख्य अभियंता दुर्गेश श्रीवास्तव की उपस्थिति में सरकार की तरफ से अधिकृत कंपनी के प्रतिनिधियों ने प्रेजेंटेशन दिया।
अब मेरठ में स्टेनलस स्टील के गैल्वेनाइज्ड शौचालय बनाए जाएंगे। इनमें लगे सेंसर से शौच के बाद स्वत: ही पानी चल जाएगा। वहीं, टैंक में पानी का लेवल भी पता किया जा सकेगा। इसकी शुरुआत एमडीए कार्यालय से होगी। इस तकनीक के शौचालय का सर्वाधिक फायदा नगर निगम को होगा। नगर निगम की ओर से शहर में बनवाए गए सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बहुत खराब है। वहां कोई सफाईकर्मी तैनात नहीं है। नई तकनीक से साफ-सफाई में राहत मिलेगी।
एमडीए की खाली जमीनों पर होगा पौधरोपण
एमडीए उपाध्यक्ष राजेश पांडेय ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग को आदेश दिए हैं। इसके तहत एमडीए की योजनाओं में खाली पड़ी जमीन की फैंसिंग कराकर पौधरोपण किया जाएगा। वहीं, शताब्दीनगर के सेक्टर-चार में 10 एकड़ भूमि पर वन विकसित किया जाएगा। सरकार ने शहरों में ऐसे वन बनाने के निर्देश दिए हैं। उपाध्यक्ष ने इन सभी मामलों में अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इन वनों में वॉकिंग ट्रैक, फूल-पौधों की क्यारियां, छोटे-छोटे तालाब बनाए जाएंगे।
दिव्यांग पार्क देखने उज्जैन जाएंगे एमडीए अधिकारी
एमडीए बोर्ड बैठक में शहर में दिव्यांगों के लिए पार्क का प्रस्ताव पास किया गया था। इसे अमलीजामा पहनाने के लिए काम शुरू हो गया है। एमडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर जल्द ही अधिकारी उज्जैन में दिव्यांगों के लिए बनाए गए पार्क का निरीक्षण करेंगे। कुछ दिनों पहले कमिश्नर ने उज्जैन की तर्ज पर मेरठ में भी दिव्यांगों के लिए अलग से पार्क बनाने के निर्देश एमडीए को दिए थे। यहां कई सुविधाओं के साथ मनोरंजन के साधन होंगे।