जिला अस्पताल में मरीजों के तनाव को कम करने के लिए म्यूजिक की व्यवस्था की गई है। हीमोडायलिसिस यूनिट से इसकी शुरुआत कर दी गई है। चार स्पीकर के साथ एक म्यूजिक सिस्टम इसमें लगाया गया है, जिसमें धीमी आवाज में लाइट म्यूजिक और धुनें आदि बजती रहती हैं। मरीज भी इससे अच्छा महसूस कर रहे हैं। जिला अस्पताल के एसआईसी पीके बंसल बताते हैं कि यह एक प्रयोग है। डायलिसिस चार-पांच घंटे तक चलती है, इस दौरान अकेला रहता है। मरीज को स्ट्रेस न हो, इसलिए ऐसा किया गया है।
हीमोडायलिसिस उत्तर प्रदेश सरकार व हेरिटेज हॉस्पिटल्स लिमिटेड वाराणसी द्वारा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रोजेक्ट के अंतर्गत संचालित की जा रही है। इसमें गुर्दा रोग विशेषज्ञ की साप्ताहिक उपलब्धता रहती है। चिकित्सकों एवं मरीजों की विडियो कांफ्रेंसिंग भी होती है। डायलिसिस यूनिट की शुरुआत इसी साल छह अप्रैल को की गई थी। इसमें 10 बेड हैं। यहां अब तक 31 मरीजों की 153 डायलिसिस की जा चुकी हैं। अब यहां म्यूजिक सिस्टम लगाया गया है।
मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रवि राणा ने बताया कि म्यूजिक एक सपोर्टिव थेरेपी की तरह काम करता है। इसका फायदा डिप्रेशन, स्ट्रेस, हाईपर टेंशन और साइकोलॉजिकल बीमारियों में होता है। हार्ट प्रॉब्लम, ऑर्थो, न्यूरो व अन्य बीमारियों में यह काम करता है। इससे न सिर्फ बीमारियों को दूर रखा जा सकता है, बल्कि मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिलती है। बृहस्पतिवार को डायलिसिस कराने वाली शिवपुरी की कविता और मोहिउद्दीनपुर के उमेश ने बताया कि संगीत चलता रहता है तो मन बोझिल सा नहीं होता। डायलिसिस घंटों चलती है, इसलिए कई बार मन परेशान हो जाता था।