नवनिर्वाचित प्रदेश सरकार की सभी गांवों को यातायात के साधनों से जोड़ने की प्राथमिकता को अधिकारियों ने परवान चढ़ाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर बस विहीन गांवों की सूची नक्शे सहित लेकर हाजिर होने के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के निर्देश पर अधिकारियों ने सरकार की प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर काम करना शुरू कर दिया है। मंगलवार को प्रमुख सचिव ने एनआईसी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से परिवहन विभाग की समीक्षा की और बस विहीन गांवों में बस चलाकर शहर से जोड़ने की प्राथमिकता से अवगत कराया। उन्होंने ने सभी डीटीसी और आरटीओ को बुधवार शाम तक अपने क्षेत्र के सभी बस विहीन गांवों की सूची नक्शे के साथ लेकर हाजिर होने को कहा है, ताकि इन गांवों में बस की व्यवस्था की जा सके। इसके अलावा स्वच्छ भारत अभियान को सख्ती से लागू करते हुए संभागीय परिवहन कार्यालय के अलावा सभी बस अड्डों पर सफाई व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में आरटीओ ममता शर्मा, आरटीओ सिटी कमल गुप्ता समेत तमाम एआरटीओ शामिल हुए।
रात को खुला आरटीओ
बस विहीन गांवों की सूची और रोड मैप तैयार करने के लिए आरटीओ को रात को भी खोला गया। पांच बजे से पहले ही घर निकलने वाले अधिकारी रात को भी काम में जुटे रहे। अधिकारियों को पूरे रिकार्ड के साथ बुधवार शाम तक लखनऊ पहुंचना है।
कई रूटों पर बस नहीं
सपा सरकार ने ‘अपनी बसें चलो गांव की ओर’ योजना चलाई थी। इस योजना का भी उद्देश्य बस विहीन रूटों पर बस चलाकर गांवों को सीधे शहर से जोड़ना था। लेकिन योजना पर सौ फीसदी अमल नहीं हुआ। आज भी जनपद में दर्जनों ऐसे रूट हैं जिनपर आजादी के बाद से बस नहीं चली हैं।
प्रमुख सचिव परिवहन ने बस विहीन गांवों की सूची लेकर लखनऊ तलब किया है। बस विहीन रूटों पर बसें चलाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके अलावा स्वच्छता अभियान भी चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
रंजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन