मेरठ। अब ग्रामीण क्षेत्रों में बिना नक्शे के मकान नहीं बन सकेंगे। मेरठ विकास प्राधिकरण की तरह जिला पंचायत को भी देहात विकसित करने का अधिकार मिलेगा। सरकार यह निर्णय जिला पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ले रही है।
नई नीति लागू होने के बाद देहात में व्यवस्थित विकास होगा। इसमें उद्योग, आवासीय क्षेत्र, शिक्षण संस्थान और ग्रीन बेल्ट शामिल होंगे। सड़क, नाले, सीवर लाइन और पानी की लाइन भी पूरी तरह होंगी। इसके लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। सरकार का यह निर्णय जिला पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए है।
मेरठ विकास प्राधिकरण एक निर्धारित क्षेत्रफल में मास्टर प्लान के आधार पर विकास कार्य करता है। यह शिक्षण संस्थान, औद्योगिक नगरी, आवासीय क्षेत्र और जल निकासी प्रणाली तय करता है। शहर को व्यवस्थित बसाने के लिए एमडीए नक्शा पास करने का शुल्क लेता है।
नई नीति और नियम
मुख्यालय मेरठ समेत उत्तर प्रदेश की सभी जिला पंचायतों के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठकें हुई हैं। इन बैठकों में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सुझाव दिए गए हैं। शासनादेश के अनुसार, जिला पंचायत को अभी भी कॉलोनियों के नक्शे पास करने की अनुमति है। हालांकि, वर्तमान में शुल्क बहुत कम है और नियम भी अलग हैं।
अधिकारों में वृद्धि
नई नीति लागू होने पर जिला पंचायत में प्राधिकरण के नियम लागू होंगे। नक्शे पास करने के शुल्क में भी बदलाव किया जाएगा। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी वीएस कुशवाहा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप अधिकार बढ़ेंगे। इससे शहर की तर्ज पर गांव भी व्यवस्थित तरीके से बसाए जा सकेंगे। शासन स्तर पर इस नई नीति पर काम शुरू हो गया है।