मेरठ। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अब उन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिनकी मैपिंग वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाई है। मेरठ में 2.75 लाख मतदाता की मैपिंग नहीं हो पाई। जो मतदाता व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, वह ऑनलाइन नोटिस लेकर साक्ष्य जमा करने का प्रावधान निर्वाचन अधिकारी ने दिया है।
पात्र मतदाताओं को असुविधा न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। मतदाता को राहत देते हुए यह सुविधा दी गई है कि यदि वे सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते तो वे किसी भी व्यक्ति को लिखित रूप में अधिकृत कर सकते हैं। यह अधिकृत व्यक्ति उनकी ओर से सुनवाई में प्रतिनिधित्व करेगा। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉगिन कर अपने नोटिस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके जवाब में अभिलेख अपलोड करें।
वहीं, बीएलओ नोटिस मतदाताओं तक पहुंचा रहे हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत वेबसाइट पर लॉग इन कर Submit documents against notice issue विकल्प चुनना होगा। इस पर वोटर आईडी नंबर दर्ज करने पर नोटिस जारी हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी मिल जाएगी। यदि नोटिस जारी हुआ है तो ईपिक संख्या या नोटिस संख्या भरकर आवश्यक अभिलेख अपलोड करने होंगे।
1987 से पहले और बाद वाले मतदाता की स्थिति
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जन्मतिथि के आधार पर दस्तावेज प्रस्तुत करने की व्यवस्था की है। एक जुलाई 1987 से पूर्व जन्मे मतदाताओं को केवल स्वयं के अभिलेख देने होंगे। एक जुलाई 1987 के बाद और दो दिसंबर 2004 के मध्य जन्मे मतदाता को स्वयं के साथ माता या पिता में से किसी एक का अभिलेख देना होगा। वहीं, दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाता के लिए स्वयं के साथ माता और पिता दोनों के अभिलेख अनिवार्य होंगे। नोटिस के उत्तर में जन्मतिथि या जन्मस्थान के प्रमाण के रूप में आयोग द्वारा निर्धारित 13 अभिलेखों में से कोई एक प्रस्तुत किया जा सकता है। इनमें सरकारी पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं।