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यूपी: कोठा मालिकों को नोटिस जारी, नाराज हुई थी कोर्ट, अब किस पर फूटेगा झूठ का ठीकरा  

Sun, 28 Apr 2019 01:31 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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जांच के लिए पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ के कबाड़ी बाजार मामले में 30 अप्रैल को जिलाधिकारी मेरठ को भी शपथ पत्र दाखिल करना है। सिटी मजिस्ट्रेट और एसीएम ब्रह्मपुरी ने कोठा मालिकों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिसमें भवन सील करने की बात कहते हुए एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
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कबाड़ी बाजार में 52 भवनों में करीब 75 से ज्यादा कोठे चल रहे हैं। इन कोठों पर देह व्यापार होने की बात कहते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की हुई है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दाखिल हलफनामे पर सख्त रुख अपनाकर 30 अप्रैल को रिपोर्ट दाखिल करने के साथ ही शासन को दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश जारी किए।

हाईकोर्ट से आने के बाद डीएम अनिल ढींगरा द्वारा नगर निगम से इन कोठों के मालिकाना हक की रिपोर्ट मांगी गई। जिसके आधार पर उन सभी भवन मालिकों को नोटिस जारी किया गया है, जिनके भवन में कोठे संचालित हो रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र में शनिवार को 15 नोटिस जारी किए गए जबकि दो नोटिस पहले ही जारी हो चुके हैं। जबकि ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में 35 नोटिस जारी किए गए हैं। 

किस पर फूटेगा झूठ का ठीकरा 
झूठा हलफनामा तैयार करने वाले किस अधिकारी पर कार्रवाई होगी, इस मंथन शुरू हो गया है। कार्रवाई की रिपोर्ट 30 अप्रैल को हाईकोर्ट में प्रस्तुत करनी है। इस संबंध से जुड़े दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। झूठे हलफनामे में सीओ संजीव देशवाल के हस्ताक्षर हैं। लेकिन सीओ ने हाईकोर्ट में माफीनामा लगाया है। जिसमें लिखा कि वह दिसंबर से फरवरी तक प्रयागराज में कुंभ में ड्यूटी पर थे।

मेरठ से एक दरोगा हलफनामा लेकर गया था। जिसे उन्होेंने कोर्ट में दे दिया था। रेडलाइट एरिया की भौगोलिक स्थिति जानकर किसने हलफनामा तैयार किया, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। अब सवाल है कि आखिर यह हलफनामा किसने तैयार किया। इसको लेकर पुलिस अधिकारियों में मंथन चल रहा है कि किस पर कार्रवाई करें और हाईकोर्ट में रिपोर्ट दें। 

नाराज हुई थी कोर्ट 
पुलिस-प्रशासन ने रेडलाइट एरिया की जो वीडियो कोर्ट में पेश की थी उसमें कोठों पर ताले लगे थे। वीडियो देखकर कोर्ट ने नाराजगी जताकर कहा था कि पहले हलफनामे में कोठे बंद होने बताए और अब वीडियो बनाकर कोठों पर ताले दर्शाए गए। जबकि हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुनील चौधरी ने जो रिपोर्ट कोर्ट में पेश कीं, उनमें कोेठे चलने की पुष्टि हो रही है। जिस पर कोर्ट ने 30 अप्रैल को रिपोर्ट फिर से प्रस्तुत करने के आदेश दिए।

रिकॉर्ड में कबाड़ी बाजार के मकानों के स्वामी हैं व्यापारी
कबाड़ी बाजार में मकानों और दुकान के मालिक अधिकतर व्यापारी हैं। नगर निगम के हाउस टैक्स विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को कबाड़ी बाजार का निरीक्षण किया। साथ ही यहां चल रहे भवनों में कोठों का रिकार्ड देखा तो पाया गया कि अधिकतर हाउस टैक्स व्यापारियों के नाम पर हैं। 
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कबाड़ी बाजार में नीचे व्यापारियों की दुकानें हैं और ऊपर सेक्स वर्करों के कोठे हैं। जिनको लेकर जिला प्रशासन को हाईकोर्ट में फटकार लग चुकी पुलिस और जिला प्रशासनिक अधिकारी अपने स्तर से कार्यवाही में जुटे हैं। शुक्रवार को नगर निगम हाउस टैक्स विभाग से कर निर्धारण अधिकारी नर सिंह राणा अपने साथ हाउस टैक्स इंस्पेक्टरों को साथ लेकर कबाड़ी बाजार पहुंचे। इन्होंने निगम रिकार्ड के मुताबिक कबाड़ी बाजार में दुकान और कोठों के हाउस टैक्स का सत्यापन किया। 

कर निर्धारण अधिकारी की माने तो कबाड़ी बाजार में 75 कोठे हैं। सभी के नीचे दुकानें हैं। सभी बिल्डिंग पर लगे हाउस टैक्स व्यापारियों के नाम पर हैं। अधिकतर व्यापारी हाउस टैक्स भी समय से भर रहे हैं। इतना जरूर है कि काफी प्रतिष्ठान ऐसे हैं जिनपर नई दरों के मुताबिक हाउस टैक्स रिवाइज किया जाना है। कबाड़ी बाजार की सभी संपत्तियों का सत्यापन किया जा रहा है। जो हाउस टैक्स से छूटे भवन होंगे उनपर भी टैक्स लगाया जाएगा। कई मामले ऐसे भी सामने आए हैं कि पूर्व में लगा टैक्स आवासीय है और अब उसके कुछ हिस्से में कामर्शियल कार्य किया जा रहा है। ऐसे हाउस टैक्स में परिवर्तन किया जाएगा।   
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