बागपत। पंचायतों के खातों में करोड़ों रुपये बजट होने के बाद भी खर्च नहीं होने के कारण गांवों में विकास ठप होने के मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अमर उजाला में इसको लेकर अभियान चलाने के बाद शनिवार को डीपीआरओ अरूण अत्री ने 31 पंचायतों के सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उन्हें चेतावनी दी कि यदि 20 नवंबर तक बजट खर्च नहीं किया गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अमर उजाला के शुक्रवार के अंक में खातों में बजट की भरमार, खर्च करने में पंचायतों का बुरा हाल और शनिवार के अंक में विकास को तरस रहे गांव, सरकारी खालों में नहीं बजट की कमी शीर्षक प्रकाशित किया गया था। खबर के प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों में अफरा तफरी मच गई।
खबर का संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ अरुण अत्री ने जिले की 31 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि कई बार नोटिस देने के बाद भी बजट खर्च नहीं किया जा रहा है। इनके कारण विकास में जिला पिछड़ रहा है और रैकिंग भी खराब आ रही है। भेजे पत्र में कहा कि यदि 20 नवंबर तक बजट खर्च नहीं किया जाता है उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बजट खर्च करने में किसी भी तरह की लापरवाही सहन नहीं होगी।
इन्हें दिया गया नोटिस : हमीदाबाद नयागांव की सचिव नीता, बिचपड़ी के सचिव कृष्ण कुमार, ग्वालीखेड़ा के सचिव मनीष कुमार, गौरीपुर, सूरजपुर महनवा के सचिव उपदेश कुमार, सिनौली की सचिव पूजा, बुढ़पुर, हसनपुर जिवानी, बरवाला के सचिव जोनी चौधरी, बड़ावद, महावतपुर के सचिव विकास श्रीवास्तव, लुहारी, शाहपुर बड़ौली की सचिव दीपा, बावली के सचिव हिमांशु, कोताना के सचिव विकुल, कासिमपुर खेड़ी के सचिव संजीत, मौजिजाबाद नांगल, इदरीशपुर के सचिव महक सिंह, सिरसली के सचिव राकेश, सूजती के सचिव बोबी कुमार, चंदायन के सचिव गौरव राणा, कैड़वा के सचिव आर्यवीर, शिकोहपुर के सचिव लोकपाल, बिजवाड़ा के सचिव कृष्ण कुमार, रमाला के सचिव विक्रांत, हेवा के सचिव दीपक मान, टांडा के सचिव अमित कुमार, मवीकलां के सचिव रोहित कुमार, हसनपुर मसूरी के सचिव फारूख, दत्तनगर के सचिव विनोद कुमार को नोटिस जारी किया गया है।