मेरठ। अवैध निर्माणकर्ताओं पर लगाम कसने के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण की तरफ से कार्रवाई की जा रही है। एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी के निर्देश पर जोन-बी रोहटा रोड, पल्लवपुरम, कंकरखेड़ा में चलाए गए 15 दिन के विशेष अभियान में 200 अवैध निर्माणकर्ताओं के चालान काटे गए हैं। इन्हें जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। मंगलवार को तीन अवैध निर्माणों पर सील भी लगाई गई।
जोन-बी के बी-2 में डौरली रोड स्थित दीपक चौहान, आनंद लोक लावड़ रोड स्थित अमरीश चौहान, पल्लवपुरम फेस-द्वितीय स्थित सुरेंद्र मलिक द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर सील लगाई गई। लावड़ रोड पर आवासीय बिल्डिंग के साथ छह दुकानें बनाने का कार्य जारी था। इस क्षेत्र में रोहटा रोड, कंकरखेड़ा क्षेत्र में दुकानें, मकान आदि अवैध रूप से बनाए जा रहे हैं। इस स्थान पर एमडीए अधिकारियों के अनुसार अधिकतर सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी, रेलवे सहित सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। इस मौके पर नोडल अधिकारी महेश गौतम, अवर अभियंता राजेश त्यागी मौजूद रहे।
ध्वस्तीकरण का दावा कर रहे उपाध्यक्ष
200 निर्माणकर्ताओं को नोटिस की कार्रवाई होने के बाद एमडीए उपाध्यक्ष मार्च में ध्वस्तीकरण करने का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिन निर्माणों को नियमों के विरुद्ध बनाया गया है, उनका ध्वस्तीकरण किया जाएगा।
शहर के पॉश इलाकों में भी अवैध निर्माण
एमडीए के अधिकार क्षेत्र में स्थित कॉलोनियों में अवैध निर्माण का जाल बिछता जा रहा है। कई मामले तो ऐसे है जो सेटिंग में सिमटकर रह जाते हैं। नक्शा पास कराकर उससे अधिक स्थान पर निर्माण करने की शिकायतें भी लगातार है। इन पर कार्रवाई करने से एमडीए बचता रहा है। ऐसे कई मामले सामने आते हैं जहां सेट बैक को भी कवर करके निर्माण कर लिया जाता है। इसमें पीएल शर्मा रोड, गंगानगर, पल्लवपुरम आदि पॉश इलाके शामिल हैं।