मेरठ। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने शनिवार को गृहकर विभाग में लापरवाही करने वाले अफसरों को चेतावनी दी है। गृहकर बिलों के वितरण व स्वकर निर्धारण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम को स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। बताया गया है कि गृहकर की वसूली न होने का कारण अधिकारियों की लापरवाही है।
नगर आयुक्त ने अपने कैंप कार्यालय में शनिवार को समीक्षा बैठक की। इसमें वार्ड-47 में गृहकर बिलों के वितरण की स्थिति शून्य पाई गई तो नगर आयुक्त ने राजस्व निरीक्षक राजीव चौहान पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल बिल वितरण करने को कहा। वार्ड-49 में बिलों के संशोधन में हो रही देरी पर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया। उनके जवाब को असंतोषजनक पाते हुए नगर आयुक्त ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने का निर्देश जारी किए। साथ ही संबंधित कर अधीक्षकों को चेतावनी दी कि यदि कार्यप्रणाली में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
100 संपत्ति चिह्नित कर बकायेदारों की सूची बनाए
नगर आयुक्त ने कहा कि वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए कर वसूली महत्वपूर्ण है। सभी राजस्व निरीक्षकों को आवंटित वार्डों में बिल वितरण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त संसाधन के तौर पर 3 से 4 लेखक और अनुचर उपलब्ध कराए जाएंगे। राजस्व निरीक्षक अपने वार्ड की 100 बड़ी संपत्तियों और 100 बड़े बकायेदारों की सूची के साथ उपस्थित हों। इसके अलावा हर वार्ड के बिल वितरण की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी।