नोटबंदी का विरोध कर रहे विपक्षी दलों का बंद का आह्वान पूरी तरह बेअसर रहा। जनता भले ही कई दिनों से परेशान नजर आ रही हो। लेकिन व्यापारियों ने इस बंद से अपने को पूरी तरह किनारे रखा। जिसके चलते सिर्फ साप्ताहिक बंदी वाले बाजारों में ही प्रतिष्ठान बंद नजर आये। बाकी बाजारों में दुकानें आम दिनों की तरह खुली रहीं।
नोट बंदी पर केंद्र सरकार के विरोध में विपक्षी दलों ने 28 नवंबर को भारत बंद का आह्वान किया था। हालांकि मेरठ में बंद के आह्वान को लेकर किसी भी राजनीतिक दल द्वारा कोई प्रयास तो दूर, आह्वान तक नजर नहीं आ रहा था। ऐसे में साफ हो चला था कि इस बंदी से मेरठ का व्यापारी बाहर ही रहेगा। बावजूद इसके भाजपा और उसके सहयोगी तथा समर्थित संगठनों ने जरूर बाजार बंदी के विरोध को लेकर प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया था।
सोमवार को कुछ प्रमुख बाजार जैसे सदर, खैरनगर, पीएल शर्मा रोड, शहर सराफा, नील की गली आदि बाजार बंद रहते हैं। जबकि बाकी बाजार खुलते हैं। ऐसे में सोमवार की बंदी वाले बाजारों में जहां प्रतिष्ठान बंद थे, तो बाकी बाजार पूरी तरह खुले थे। इनमें साप्ताहिक बंदी के भी कुछ बाजार ऐसे रहे, जहां के दुकानदारों ने सुबह एक घंटे के लिए सांकेतिक रूप से यह प्रदर्शित करने के लिए अपनी दुकानें खोलीं कि बंद को उनका समर्थन नहीं है और इसके बाद बंद कर दी।
समर्थन मिला
विपक्षी दलों का बंद का आह्वान पूरी तरह बेअसर रहा। व्यापारियों ने दुकानें खोलकर प्रधानमंत्री के नोट बंदी अभियान को अपना समर्थन दिया है।- करुणेश नंदन गर्ग, महानगर अध्यक्ष भाजपा
न दबाव था न आह्वान
बाजार बंद का फैसला हमने व्यापारियों पर छोड़ दिया था। ऐसे में स्वेच्छा से व्यापारियों ने यदि बंद किया या खोला, हमारा उन पर कोई दबाव या आह्वान नहीं था। ऐसे में इस बंद से हमारा कोई सरोकार नहीं था।- नवीन गुप्ता, अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ
प्रधानमंत्री को समर्थन
हमारे बाजार की सोमवार को साप्ताहिक बंदी रहती है। बावजूद इसके हमने सुबह एक घंटे तक अपनी दुकानें खोलीं और सफाई आदि करके बंद कर दी। ताकि विपक्ष को अहसास हो कि हम उनके साथ नहीं है। हमारा प्रधानमंत्री के अभियान को पूर्ण समर्थन है।- केशव वालिया, अध्यक्ष सराफा एसोसिएशन सदर
भाजपाइयों ने निकाली बाइक रैली
एक तरफ जहां भारत बंद को लेकर सबकी नजरें थी तो दूसरी तरफ भाजपाइयों ने नोट बंदी के समर्थन में बाइक रैली निकाली। भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विनीत अग्रवाल शारदा ने दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ कंपनी बाग से बेगमपुल, आबूलेन, बच्चा पार्क चौराहा, ईव्ज चौराहा, जेल चुंगी, साकेत, मवाना अड्डा होेते हुए कमिश्नरी चौराहे तक बाइक रैली निकाली।
विनीत शारदा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोट बंदी के फैसले से विपक्ष बौखला गया है। क्योंकि विपक्ष ने जो भ्रष्टाचार कर धन दबाया हुआ है, वह अब फंस गया है। लेकिन आम जनता प्रधानमंत्री के साथ है। व्यापारी नेता संदीप गुप्ता एल्फा ने कहा कि प्रधानमंत्री का नोटबंदी का निर्णय साहसिक है। पूरे देश को इसका समर्थन करना चाहिए। इस दौरान अमित वर्मा, राजू रस्तोगी, रामकुमार शर्मा, सुनील ठाकुर, संदीप गुप्ता एल्फा, पुनीत मुल्तानी, प्रशांत गुप्ता, आकाश जैन, किशोर प्रकाश, आशीष कंसल, प्रदीप चौहान, शोभित गोस्वामी, मनीष गौतम आदि मौजूद रहे।