नोट बंदी के 14 वें दिन भी बैंकों में कैश की किल्लत रही। दोपहर में ही कई बैंकों में कैश खत्म होने पर लोगों को लौटाया जाने लगा तो हंगामे स्थिति बन गई। डीएम के हस्तक्षेप से दोपहर बाद आरबीआई से बैंकों में कैश पहुंचा, लेकिन इससे भी पूर्ति नहीं हुई। वहीं बैंकों पर व्यापारियों का भी दबाव बढ़ गया। डिमांड के अनुसार सिर्फ 30 फीसदी रकम ही लोगों को मिल सकी।
मंगलवार सुबह छह बजे से ही बैंकों के बाहर लाइनें लगनी शुरू हो गईं। बैंक खुलने के बाद कैश देने का काम शुरू हुआ, लेकिन दोपहर एक बजे ही कैश खत्म होने के नोटिस लगाने शुरू हो गए। कचहरी स्थित सिंडिकेट बैंक में डेढ़ बजे कैश खत्म होने पर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। यही हाल पीएनबी का भी था। सरधना, मवाना क्षेत्रों से भी बैंक में कैश खत्म होने पर हंगामे शुरू हो गए। डीएम बी. चंद्रकला के प्रयासों से आरबीआई से दोपहर बाद अधिकांश बैंकों में कैश पहुंचा तो बैंकों के बाहर फिर से लाइन बढ़नी शुरू हो गई। ये कैश डिमांड का करीब 30 फीसदी था। इसलिए कई बैंकों ने नोट एक्सचेंज का काम बंद कर दिया। कई जगह लोगों को 10 हजार की जगह दो से तीन हजार और 20 वाले को पांच हजार से ज्यादा नहीं मिले।
डीएम करती रही मॉनिटरिंग
मेरठ जिला संवेदनशील जिलों की श्रेणी में है। लिहाजा बैंकों में कैश की कमी से कानून व्यवस्था खराब होने की आशंका में डीएम बी. चंद्रकला खुद दिनभर बैंकों के हालात की मॉनिटरिंग करती रहीं। वह बैंक अधिकारियों से संपर्क कर कैश की रिपोर्ट ले रही थी। देर रात डीएम ने बैंक अधिकारियों की बैठक कर जिले में कैश की उपलब्धता और बुधवार की संभावित स्थिति पर बात की। देर रात तक आरबीआई से बुधवार को भी कैश मंगाने के प्रयास चल रहे थे।
बैंकों ने थोपी शर्तें
कैश की कमी की वजह से कई बैंकों ने अपनी शर्तें थोपनी शुरू कर दी। बुढ़ाना गेट स्थित देना बैंक ने अपने यहां नोट एक्सचेंज करना ही बंद कर दिया। कुछ बैंकों में लाइन में लगने लोगों से कह दिया कि सेविंग एकाउंट में दो हजार और करेंट एकाउंट से पांच हजार से अधिक नहीं दिए जाएंगे।
व्यापारियों का दबाव भी बढ़ा
मंगलवार को बैंकों पर व्यापारियों का दबाव भी बढ़ने लगा। कई व्यापारी बैंकों में जाकर अपने करेंट एकाउंट से एक मुश्त 50 हजार निकालने का दबाव बना रहे थे। एसबीआई साबुन गोदाम, शास्त्रीनगर पीएनबी , मोहकमपुर सिंडिकेट ,पीएनबी ब्रांचों में यह समस्या बहुत अधिक रही।
बैंकों से लौटाए शादी वाले परिवार
आरबीआई की नई गाइड लाइन की वजह से अधिकांश शादी वाले परिवार शर्तें पूरी करने की स्थिति में नहीं थे। कुछ बैंकों में तो शादी वालों को आरबीआई के आदेश की प्रति थमाकर इसे पूरी करने के बाद ही आने को कहा गया। मायूस लोग वापस लौट गए। हालांकि नाराज कई लोगों ने लीड बैंक मैनेजर के दफ्तर में हंगामा किया। कलक्ट्रेट पर भी लोग शिकायत लेकर पहुंचे।