फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तर रेलवे मुख्यालय ने मेरठ के लिए रेलवे बोर्ड को भेजे प्रस्ताव

विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर रेलवे मुख्यालय ने मेरठ के लिए रेलवे बोर्ड को भेजे प्रस्ताव
विज्ञापन

मेरठ। एक फरवरी को आने वाले आम बजट से इस बार फिर रेलवे यात्रियों को आस है। हालांकि, पिछले कई वर्षों से मेरठ को कोई नई ट्रेन नहीं मिली है। वहीं, पुराने रूटों पर भी ट्रेन का विस्तार नहीं किया गया है, लेकिन इस बार उत्तर रेलवे मुख्यालय की तरफ से रेलवे बोर्ड को मेरठ के सिटी स्टेशन के लिए कई प्रस्ताव भेजे हैं। जिसमेें ट्रेन चलाने के अलावा अन्य कई प्रस्तावों को तैयार कर सिटी स्टेशन से भेज दिया गया।
मेरठ से खुर्जा जाने के लिए बस और रेलमार्ग से जाया जाता है, लेकिन मेरठ से खुर्जा बस से जाने का किराया 100 रुपये के पार है। वहीं, ट्रेन से खुर्जा तक का सफर मात्र 25 रुपये में पूरा हो जाता है। इस रूट पर दिन में पांच बार ट्रेनों का संचालन किया जाता है, लेकिन यात्रियों की संख्या को देखते हुए इस रूट पर मेमू ट्रेनों का संचालन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिससे दिन में 12 ट्रेनें चलाई जा सकें। इससे तीन घंटे का सफर आसानी से यात्रियों को कम पैसे में मिल सकेगा। वहीं, मेरठ से चंडीगढ़ के बीच पिछले कई वर्षों से ट्रेन चलाने की मांग की जा रही है। इस प्रस्ताव को भी उत्तर रेलवे ने रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। इसके अलावा मेरठ से दिल्ली का सफर आसान करने के लिए शटल के वैकल्पिक ट्रेन की मांग की गई है। अभी शटल का संचालन मेरठ कैंट से रेवाड़ी तक किया जाता है। मेरठ से हजारों दैनिक यात्री दिल्ली सफर करते हैं। इसके लिए दिल्ली से गाजियाबाद तक चलने वाली एक ट्रेन का विस्तार मेरठ तक करने की मांग भी की गई हैं।
विज्ञापन

ये मांगे जो पूरी नहीं हो सकीं
पिछले कई वर्षों से बजट में मेरठ-हस्तिनापुर, मेरठ-पानीपत रेल लाइन को शामिल किया गया, लेकिन इन पर धरातल पर कोई कार्य नहीं हो सका। हालांकि, मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन के लिए बजट आवंटन भी हुआ, लेकिन फिलहाल कोई कार्य शुरू नहीं हो सका है। जिससे यात्रियों को अभी भी इन दोनों रेलवे लाइनों को बजट आवंटन करने की आस वर्ष-2020 के बजट से हैं।
विज्ञापन

हमसे सुझाव मांगे थे
सिटी स्टेशन के अधीक्षक आरपी शर्मा ने बताया कि उत्तर रेलवे की ओर से मेरठ के लिए कई मांगों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन प्रस्तावों को रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। इसमें हमसे भी सुझाव मांगे गए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें