बताया जाता है कि दोपहर में एक पत्रकार को नोएडा पुलिस ने ढूंढ निकाला और हिरासत में लेने का प्रयास किया। पत्रकार ने इस पर आपत्ति जताई और तत्काल एडीजी आलोक सिंह को फोन पर सूचना दी। बताया जाता है कि नोएडा पुलिस की मेरठ में मौजूदगी की जानकारी मिलते ही एडीजी नाराज हो गए।
उन्होंने पुलिसकर्मियों को फटकार लगाई। इसके बाद नोएडा पुलिस पत्रकार को छोड़कर लौट गई। एडीजी आलोक सिंह का कहना है कि जब इस मामले की जांच हापुड़ पुलिस कर रही है तो नोएडा पुलिस किस अधिकार से मेरठ में दबिश डालने पहुंची। पत्रकार ने नोएडा पुलिस की एडीजी से शिकायत की है।
एसएसपी वैभव कृष्ण के वीडियो को वायरल करने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें आईटी एक्ट की धाराओं के अलावा आईपीसी की धारा-499 व 500 मानहानि के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह रिपोर्ट हापुड़ एसएसपी के पास पहुंच गई है। अब वह विवेचना शुरू करेंगे।
गुरुवार को उनके नोएडा आने की चर्चा थी, लेकिन वह नोएडा नहीं आए। एसपी हापुड़ संजीव सुमन के पीआरओ का कहना है कि नोएडा में दर्ज रिपोर्ट उनके पास आ गई है। उसका अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद ही विवेचना शुरू की जाएगी।
शासन से जांच शुरू
नोएडा के कप्तान मेरे वरिष्ठ हैं और उनका सम्मान करता हूं। अभी तक उनकी ओर से कोई पत्राचार नहीं किया गया है। अखबार के माध्यम से पता चला है कि उन पर कुछ आरोप लगे हैं। शासन से जांच शुरू हो गई है और उसमें स्पष्ट हो जाएगा कौन सही है कौन गलत है। - डॉ. अजयपाल शर्मा, एसएसपी रामपुर
फर्जी वीडियो से बदनाम करने का प्रयास
मेरी फोटो का प्रयोग करके फर्जी वीडियो बनाकर बदनाम करने का प्रयास किया गया है। इस मामले की रिपोर्ट सेक्टर-20 कोतवाली में कराई गई है। इस प्रकरण की जांच एसपी हापुड़ संजीव सुमन कर रहे हैं। वहीं बता पाएंगे कि इसमें क्या चल रहा है। - वैभव कृष्ण, एसएसपी गौतमबुद्धनगर