मुंडाली। थाना क्षेत्र के गांव मऊखास से करीब दो सप्ताह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए कमल किशोर उर्फ कल्लू का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। युवक को कहीं तलाश नहीं किया और न ही पुलिस अब भी कोई प्रयास कर रही है। सिर्फ गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। परिजन उसकी तलाश में इधर-उधर घूम रहे हैं।
मऊखास गांव निवासी 33 वर्षीय कमल किशोर उर्फ कल्लू के पिता चंदू की मौत हो चुकी है। वह एक प्राइवेट अस्पताल में जॉब करता है। गत 26 मई की शाम वह ड्यूटी से घर लौटा। इसके बाद अचानक फोन पर बात करता हुआ घर से निकला। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों का फोन पर संपर्क नहीं हो सका। पुलिस ने इस मामले में युवक की गुमशुदगी दर्ज कराई हुई है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने एक भी दिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनके बेटे को तलाश करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए। परिजन बार-बार पुलिस से युवक की सकुशल बरामदगी की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि वे खुद ही उसकी तलाश में जुटे हैं। पुलिस न तो उन्हें कुछ संतोषजनक जवाब देती है और न ही उनकी सुनती है। मामले की जांच पड़ताल कर रहे सब इंस्पेक्टर रोहित बघेल का कहना है कि युवक की तलाश जारी है। उसका अभी कोई सुराग नहीं लगा है।