कैंट बोर्ड की बैठक में सोमवार को कई अहम मामलों पर निर्णय किया। वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 201 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर लगाई। पिछले साल के मुकाबले ये बजट 48 करोड़ रुपये ज्यादा है। बंगला नंबर 210 बी मामले में बड़ा फैसला बोर्ड ने किया है। पुलिस ने मामले में कैंट स्टॉफ के खिलाफ मुकदमा चलाने और चार्जशीट जमा करने की मंजूरी मांगी थी। बोर्ड ने मंजूरी देने से मना कर दिया है। पुलिस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकेगी। टोल टैक्स के मामले में कैंट क्षेत्र से गुजरने वाले वाहनों को एक जुलाई से टैक्स नहीं देना पड़ेगा। जीएसटी की वजह से टोल टैक्स हट जाएगा। कैंट के आठ वार्ड में से सात वार्ड को खुले में शौच मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव पास हुआ।
एक जुलाई से टोल टैक्स नहीं
कैंट एरिया में छह जगहों पर भारी वाहनों से टोल टैक्स वसूला जाता है। इनमें मवाना रोड, सरधना रोड, सिटी रेलवे स्टेशन, मेहताब टाकीज, बाउंड्री रोड और कासमपुर शामिल हैं। सीईओ ने कहा जीएसटी की वजह से अब एक ही टैक्स होगा। एक जुलाई से टोल टैक्स नहीं लगेगा। इससे बोर्ड को 215 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। इसकी भरपाई केंद्र सरकार करेगी। कैंट बोर्ड वाहन शुल्क एंट्री वसूलते हैं। मेरठ और देहरादून कैंट बोर्ड का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। इस वजह से टोल टैक्स चल रहा है। वाहन शुल्क एंट्री पर बाद में निर्णय किया जाएगा।
210 बी पर पुलिस की मांग बोर्ड ने की खारिज
पिछले साल नौ जुलाई को कैंट बोर्ड ने हाईकोर्ट के आदेश पर बंगला नंबर 210 बी के अवैध निर्माण को गिराने की कार्रवाई की थी। ध्वस्तीकरण के दौरान चार लोगों की मलबे में दबने से मौत हो गई थी। इस मामले में सीईओ राजीव श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता अनुज सिंह, सहायक अभियंता पीयूष गौतम, अवर अभियंता अवधेश यादव, अरविंद गुप्ता और योगेश यादव पर एफआईआर दर्ज हुई थी। केस रिपोर्ट धारा 304 ए के तहत दर्ज हुई थी। जांच अधिकारी ने जांच के बाद सीईओ को क्लीन चिट दे दी। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 197 के तहत जांच कर रिपोर्ट बोर्ड के पटल पर रखी थी। कैंट बोर्ड स्टॉफ के खिलाफ मुकदमा चलाने की स्वीकृति मांगी थी। अनुज सिंह और पीयूष गौतम पर्यवेक्षक स्टाफ होने की वजह बोर्ड से मंजूरी मांगी गई थी। अन्य तीन स्टॉफ नियुक्ति अधिकारी सीईओ हैं। स्वीकृति देने या न देने का अधिकार उनके पास है। बोर्ड ने अपने सेक्शन 338 का हवाला देते हुए स्वीकृति देने से मना कर दिया। बोर्ड ने आम सहमति से कहा कि स्टॉफ मौत हादसे की वजह से हुई है। स्टॉफ हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने गया था। बैठक में यह बात भी उठी कि सीईई अनुज सिंह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद नहीं थे। उनके खिलाफ रिपोर्ट हुई और जेल भी भेजे गए। अहम बात यह है कि बोर्ड ने मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी है। अनुज सिंह जमानत पर बाहर आने के बाद अभी बहाल नहीं हुए हैं। बोर्ड में कई बार उनका मामला सामने आया। कहा गया चार्जशीट दाखिल होने दो। अब बोर्ड ने चार्जशीट दाखिल करने से मना किया है।
औघड़नाथ रोड नहीं बनी ए वन लैंड
बोर्ड बैठक में रामताल वाटिका से लेकर सर्वत्र चौक तक की सड़क को ए वन लैंड में तब्दील करने का प्रस्ताव आया था। सदस्य अनिल जैन और विपिन सोढ़ी ने इसका खुलकर विरोध किया। कैंट बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल के मनमीत सिंह ने कहा सुरक्षा के मकसद से यह प्रस्ताव लाया गया है। सड़क पर एंट्री बैन नहीं की जाएगी। एजेंसी के इनपुट पर सिविल प्रशासन को सूचना देकर कुछ घंटों के लिए स्पेशल चेकिंग की जाती है। औघड़नाथ मंदिर के महत्व और श्रृद्धालुओं की भक्ति भाव को वह समझते हैं। उन्होंने कहा वेस्ट एंड रोड ए वन लैंड है। वहां इतने स्कूल हैं। कभी एंट्री की समस्या नहीं बनी। सदस्यों ने दूसरी सड़कों पर एंट्री बैन करने का हवाला देकर विरोध किया। प्रस्ताव खारिज हो गया।
अध्यक्ष ने सदस्यों को याद दिलाई मर्यादा
बोर्ड बैठक में अध्यक्ष मेजर जनरल के मनमीत सिंह ने बहस तेज होने पर सदस्यों को बोर्ड की मर्यादा याद दिलाई। बैठक शुरू होने से पहले अध्यक्ष सीट से खुद खड़े हो गए और सदस्य विपिन सोढ़ी को भी खड़ा कर मर्यादा के नियम पढ़कर सुनाए। बीच में सदस्य धर्मेंद्र सोनकर की उपाध्यक्ष बीना वाधवा से बहस हुई तो अध्यक्ष ने उन्हें डांट दिया। निलंबित करने की चेतावनी भी दी। फड़ के लिए गठित कमेटी के सदस्य नामित करने को लेकर सदस्यों में बहस हुई। बोर्ड बैठक शुरू होने से पहले बोर्ड अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सीईओ और सदस्यों ने कैंट बोर्ड ऑफिस परिसर में पौधारोपण किया। दो नए सदस्य कर्नल रोहित पंत और कर्नल अमरवीर सिंह को शपथ दिलाई गई।
बैठक में यह भी रहा खास
- कैंट बोर्ड कर्मचारियों को आर्मी कैंटीन की सुविधा की मांग की गई। इस पर विचार किया जाएगा।
- 15 दिन में कैंट हॉस्पिटल में दवा की कमी दूर की जाएगी।
- अस्पताल में कल्याणं करोति संस्था के आई सेंटर से बिजली का बिल अलग से नहीं लिया जाएगा
- कैंट में चल रह एक स्लॉटर हाउस में एक भैंस पर 100 रुपये और एक बकरी पर 50 रुपये बोर्ड लेगा
- कैंट में अवैध स्लॉटर हाउस के खिलाफ अभियान चलेगा
- तहबाजारी में 12 रुपये प्रति स्क्वॉयर फिट वसूली जाएगी
- अवैध निर्माण के नोटिस को मंजूरी दी गई
- बंगला नंबर 180 का कॉर्मिशियल यूज होगा
- हर वार्ड में बिजली के कुछ नए पॉल लगाए जाएंगे
- सदर बाजार सब्जी मंडी को नए ढंग से बनाया जाएगा, विस्तार देंगे
- कचरा ढोने की जगह चार जगह से उन्हें डिस्पोज किया जाएगा
लाल क्वार्टर होंगे रेग्युलराइज
रजबन के पास लो इनकम ग्रुप सोसायटी एलआईजी फ्लैट (शिवाजी कॉम्पलैक्स या लाल क्वार्टर्स) में बाहरी लोग जो अवैध ढंग से रह रहे हैं, उनसे 75 हजार रुपये लेकर रेग्युलराइज करने पर सहमति बनी है। रेग्युलराइज तय अवधि के लिए किए जाएंगे।