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गन्ना मूल्य भुगतान मिला नहीं, तहसील भेज दी आरसी

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खरखौदा। चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों का पिछले सत्र समेत बकाया भुगतान नहीं किया गया है। उधर, बकाए को लेकर विद्युत निगम किसानों के घरेलू एवं नलकूप कनेक्शन काट रहा है। इसके लिए विद्युत निगम ने बकाए को लेकर किसानों की आरसी तहसील में भेज दी है।
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गन्ना किसान पिछले कई वर्षों से लगातार पिस रहे हैं। चीनी मिल भुगतान के मामले में लगातार पिछड़ रही हैं। जिसके चलते किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान के लिए आंदोलन भी करने पड़ रहे हैं। समय से गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। क्षेत्र के किसान नगलामल, सिंभावली एवं ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर गन्ना आपूर्ति कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने चुनावी घोषणा में गन्ना किसानों के लिए 14 दिन में बकाए का भुगतान का वादा किया था। जो मिल इसका पालन नहीं करेगी उसे किसान को बकाए के साथ ब्याज भी दिलाने का वादा किया था। शुगर मिलों ने एक वर्ष बाद भी संपूर्ण गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। नगलामल मिल ने बीते वर्ष का बकाया भुगतान कर दिया, लेकिन चालू पेराई सत्र का दो माह होने के बाद भी मिल ने भुगतान नहीं किया है। वहीं, सिंभावली एवं ब्रजनाथपुर शुगर मिलों ने किसानों का पिछले सत्र का केवल 14 फरवरी तक का भुगतान किया है। जबकि किसानों का अधिक गन्ना फरवरी, मार्च एवं अप्रैल में मिलों को आपूर्ति किया गया है। जिस कारण चीनी मिलों पर करोड़ों रुपये बकाया हैं। मिल किसानों को बकाया दे या ना दें, लेकिन विद्युत निगम किसानों के घरेलू एवं नलकूप के विद्युत कनेक्शनों अवश्य काट रहा है। खरखौदा विद्युत उपखंड क्षेत्र के 19 गांवों में करीब 9697 घरेलू एवं 1803 नलकूप कनेक्शन हैं। जिसमें घरेलू कनेक्शनों पर करीब 83 लाख एवं नलकूपों पर करीब 45 लाख रुपये बकाया है। विद्युत निगम ने 494 घरेलू कनेक्शनों पर आरसी तहसील भेज दी है। वहीं, नलकूपों की भी आरसी जारी कर दी है। खरखौदा समेत आसपास के सभी गांवों के किसानों में इसको लेकर रोष है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार विद्युत निगम से बकाए को लेकर भेजी गई आरसी वापस कराए।
किठौर विधायक्र, सत्यवीर त्यागी का कहना है कि कुछ मिलों ने पिछले सत्र का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया है। कुछ मिलों ने अभी तक भुगतान रोका हुआ है। वहीं, जिन किसानों की आरसी भेजी गई है, उन पर बड़ा बकाया है। इसके बाद भी अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता से बात की गई है। किसानों का अहित नहीं होने दिया जाएगा।
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