ऑनलाइन बुकिंग न होने से गैस एजेंसियों पर भीड़ लग रही है। शहरी क्षेत्र में बुकिंग का अंतराल 25 दिन होने से और भी दिक्कत बढ़ गई है। ऑफलाइन गैस बुकिंग के लिए लोग गैस सप्लाई पॉइंट पर लाइन लगा रहे हैं। इंडियन ऑयल कंपनी ने ऑनलाइन बुकिंग के लिए अपना मोबाइल एप भी लॉन्च कर दिया है। लोगों का कहना है कि बुकिंग के बाद भी गैस मिलने में देरी हो रही है।
मेरठ में लगभग 80 गैस एजेंसियों पर 10 लाख गैस उपभोक्ता हैं। ईरान युद्ध के कारण गैस संकट से अफरा-तफरी मची हुई है। जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद गैस एजेंसियों से भीड़ नहीं छंट रही। सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग नहीं होने के कारण लोग एजेंसियों पर ऑफलाइन बुकिंग कराने पहुंच रहे हैं। इस कारण एजेंसियों पर हंगामा भी हो रहा है। ऑफलाइन बुक कराने के लिए बाद लोग गैस सप्लाई पॉइंट पर भी लाइन में लग रहे हैं। इससे लंबी लाइन लग रही है।
सर्वर डाउन होने से हो रही दिक्कत
एजेंसी संचालकों का कहना है कि जिले में अभी घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। गैस की सप्लाई निरंतर हो रही है। बुकिंग के नए नियम लागू होने से लोग एजेंसियों पर आ रहे हैं। सर्वर डाउन होने से भी पहले बुक हुए सिलिंडर पहुंचने में समस्या आ रही है। इसलिए ऑफलाइन गैस बुकिंग की जा रही है।
हॉकर से ही सिलिंडर ले रहे थे लोग
जिन लोगों के गैस कनेक्शन लंबे समय से ई-केवाईसी नहीं होने से बंद हैं, उन लोगों की भीड़ एजेंसियों पर अधिक आ रही है। कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि वे लंबे समय से गैस सप्लाई करने वाले हॉकर से ही सिलिंडर ले रहे थे। ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर रहे थे। इस कारण ही उन्हें अब दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मेरठ गैस डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नमो जैन का कहना है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं को निर्बाध गैस सप्लाई की जा रही है। जिले की सभी गैस एजेंसियों पर स्थिति काबू में आ रही है।
प्रत्येक उपभोक्ता का सालाना 15 सिलिंडर का कोटा
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि प्रत्येक उपभोक्ता को सालाना 15 सिलिंडर का कोटा मिलता है। इसके पूरा होने के बाद अगले वित्तीय वर्ष में ही गैस बुक होती थी। पहले अपने कोटे को लोग कितने भी समय में ले सकते थे। अब बुकिंग अंतराल का समय तय होने से नए नियमों के अनुसार ही गैस दी जा रही है।