मुजफ्फरनगर। अमृत योजना 2.0 में शहर में सात ओवरहैड टैंक, 16 ट्यूबवेल और 250 किमी पाइप लाइन बिछाने के प्रस्तावों को डेढ़ साल से मंजूरी मिली हुई है। केंद्र सरकार इसके लिए 135 करोड़ स्वीकृत कर चुकी है। जल निगम नगर पालिका से निरंतर जमीन मांग रहा है। आठ पत्र ईओ और चेयरपर्सन को लिखे जा चुके हैं, लेकिन अंत तक इस महत्वपूर्ण योजना के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।
सीमा विस्तार में शहर में शामिल हुए क्षेत्रों की जनता को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए अमृत योजना 2.0 में प्लान किया गया है। जिन काॅलोनियों और क्षेत्रों में पाइप लाइन नहीं है ऐसे स्थानों पर 250 किमी लाइन बिछाने को मंजूरी मिली है। योजना को धरातल पर लाने के लिए जल निगम बीते डेढ़ साल से नगर पालिका से जमीन मांग रहा है। जमीन नहीं मिलने के कारण पूरी योजना अधर में लटकी है।
- शहर के इन वार्डों में बनेंगे ओवरहैड टैंक
शहर के वार्ड एक के सहावली में 1600 केएल का ओवरहैड टैंक बनेगा। वार्ड दो के अलमासपुर में 1800 केएल का ओवरहैड टैंक बनेगा। वार्ड चार में मीरापुर में 450 केएल और वहलना में 750 केएल का ओवरहैड टैंक बनेगा। वार्ड 17 के कूकड़ा में 2600 केएल का ओवरहैड टैंक बनेगा। वार्ड 19 के खांजापुर में 1750 केएल का ओवरहैड टैंक बनेगा। वार्ड 31 के अंकित विहार में 2500 केएल का ओवर हैड टैंक बनेगा।
- पालिका को आठ पत्र लिख चुके हैं
जल निगम के एई सचिन कुमार का कहना है कि डेढ़ साल से लगातार जमीन की डिमांड की जा रही है। पालिका को अब तक आठ पत्र लिखे जा चुके हैं। जेई एनके पाल कई बार पालिका अधिकारियों से मिल चुके हैं। पालिका ओवरहैड टैंक के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
- लगातार जमीन ढूंढ रहे हैं
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप का कहना है कि जल निगम की जमीन की डिमांड है। हम लगातार जमीन ढूंढ रहे हैं, जल्द ही समस्या का हल निकाला जाएगा।