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यूपी: सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को ढूंढे नहीं मिल रहे डॉक्टर, पीएम मोदी अगले माह कर सकते हैं शुभारंभ

Tue, 22 Jan 2019 12:38 PM IST
Dimple Sirohi अरीश रिज़वी, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ मेडिकल कॉलेज में करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए चिकित्सक ढूंढे नहीं मिल रहे हैं।  यहां चिकित्सकों समेत 154 लोगों का नर्सिंग स्टाफ चाहिए। लेकिन अभी तक मिला है सिर्फ 21 का स्टाफ। इनमें सिर्फ एक चिकित्सक (न्यूरो सर्जन) है। बाकी 20 नर्स हैं। यह स्थिति तो तब है जब केंद्र और यूपी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में शुमार इस अस्पताल को फरवरी माह में शुरू करने की तैयारियां जोरों पर हैं। चर्चा है कि इसका शुभारंभ करने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ सकते हैं।
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मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जा रहा है, जो नई इमरजेंसी-ट्रॉमा सेंटर के बराबर में है। इस अस्पताल का निर्माण प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना के अंतर्गत केंद्रीय लोक निर्माण विभाग कर रहा है।

कोशिश यह है कि जो चिकित्सा सुविधाएं मेडिकल कॉलेज में नहीं मिल रही है, वह इस चिकित्सालय में मिल जाएं। जैसे, हृदय रोगियों के लिए कार्डियोलॉजी, गुर्दा रोगियों केलिए नेफ्रोलॉजी, मानसिक रोगियों के लिए न्यूरोलॉजी एवं न्यूरो सर्जरी, बाल रोगियों के लिए पीडियाट्रिक सर्जरी, रिकन्सट्रक्टिव और प्लास्टिक सर्जरी, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, रेडियोथेरेपी आदि। यह विभाग इसमें शामिल होने हैं।
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चिकित्सकों-स्टाफ के लिए फ्लैट बनाने की योजना भी धड़ाम
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और स्टाफ के लिए आवासीय सोसायटी तैयार की जानी थी, जिसमें डेढ़ सौ से ज्यादा फ्लैट बनाए जाने थे। लेकिन अब यह योजना भी धड़ाम होती नजर आ रही है। इनमें विभाग प्रभारी चिकित्सकों के फोर बीएचके (चार कमरों वाले), थ्री बीएचके (तीन कमरों वाले) और दो बीएचके (दो कमरों वाले) फ्लैट तैयार करने थे। फिलहाल जैसे-तैसे अस्पताल को शुरू करने की तैयारी है, इसके बाद भी बाकी व्यवस्था की जाएगी।

ये विशेषज्ञ चिकित्सक छोड़ गए मेडिकल
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. परवेज अहमद, मानसिक रोग विशेषज्ञ और इस यूनिट के हेड डॉ. रवि राणा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित उपाध्याय, यूरो सर्जन अभिषेक जैन, प्लास्टिक सर्जन भानू प्रताप और फिजिशियन अमित माहेश्वरी आदि विशेषज्ञ चिकित्सक करीब दो साल में मेडिकल कॉलेज छोड़कर जा चुके हैं।
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ये चाहिए स्टाफ
नर्सिंग अधीक्षक (4), सिस्टर (12), स्टाफ नर्स (112), ऑटो टेक्नीशियन (8), ऑटो स्कैन एंड एक्सरे टेक्नीशियन (2), रिकॉर्ड कीपर कम क्लर्क (4), स्टेनोग्राफर कम टाइपिस्ट (3), एक-एक रेडियोलॉजिकल सेफ्टी ऑफिसर, चीफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नीशियन, डायलिसिस टेक्नीशियन 139 का स्टाफ।

इतने चाहिए डॉक्टर
अस्पताल के लिए 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद शासन ने सृजित किए थे। इनमें पीडियाट्रिक्स (बाल रोग) सर्जरी विभाग में आचार्य, सह आचार्य और प्रवक्ता का एक-एक पद। कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) विभाग में सह आचार्य, प्रवक्ता, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग में आचार्य, सह आचार्य और प्रवक्ता की नियुक्ति होगी। नेफ्रोलॉजी (गुर्दा रोग) विभाग में आचार्य और सह आचार्य, न्यूरोलॉजी विभाग में आचार्य, सह आचार्य, जबकि न्यूरो सर्जरी विभाग में आचार्य, प्लास्टिक एंड रिकन्सट्रक्शन सर्जरी विभाग में आचार्य और सह आचार्य की नियुक्ति होगी।

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का काम 90 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है। चिकित्सकों से आवेदन मांगे गए थे। एक चिकित्सक ने ज्वाइन कर लिया है। - डॉ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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