मेरठ। शहर में कूड़े का निस्तारण करने में विफल होने पर एनजीटी की नाराजगी और इस मामले में सुनवाई के दौरान छह माह की मोहलत लेने के बावजूद नगर निगम अब तक नहीं जागा है। लोहियानगर के कूड़ा प्लांट का काम अधर में अटका हुआ है। निगम की ऐसी कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए शुक्रवार को जाहिदपुर, लोहियानगर, घोसीपुर, हाफिजपुर सहित दस गांवों के लोगों ने हंगामा कर दिया। वहीं, अपर नगर आयुक्त ने सफाई कर्मचारियों और निरीक्षकों के साथ बैठक कर इस मामले में मंथन किया है।
दरअसल, कूड़ा निस्तारण न होने के मामले में नगर निगम ने एनजीटी से छह सप्ताह का समय मांगा है। सुनवाई के दौरान निगम की ओर से कहा गया कि इस समय अवधि में कूड़े का निस्तारण कर दिया जाएगा। सुनवाई के दो दिन बीतने के बावजूद निगम की नींद नहीं टूटी। लोहियानगर में कूड़ा प्लांट लगाने की प्रक्रिया भी एक कदम आगे नहीं बढ़ सकी। कूड़े के पहाड़ के चलते क्षेत्र में हवा-पानी दूषित हो गया है। इसके चलते 50 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित है।
स्थानीय पार्षद आशीष चौधरी, सपा नेता गौरव गुर्जर अन्य कार्यकर्ताओं के साथ कई बार निगम के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। एनजीटी की नाराजगी के बाद भी निगम ने काम शुरू नहीं कराया। इसे लेकर शुक्रवार को लोगों ने हंगामा किया। इसके चलते अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी ने सफाई कर्मचारियों और निरीक्षकों के साथ बैठक की। इसमें कहा गया कि एनजीटी में अगली रिपोर्ट पेश करने से पहले कूड़ा निस्तारण का काम तेजी से पूरा कराया जाए।
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बैठक में ये उठाए गए बिंदू
- सफाई निरीक्षकों को कार्यक्षेत्र में नियमित निगरानी रखने और लापरवाही पर तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए
- कूड़ा सही जगह डालने और प्लास्टिक का प्रयोग कम करने के लिए प्रेरित करने का प्लान बनेगा
- कूड़ा निस्तारण प्रबंधन के लिए ट्रांसफर स्टेशन और एमआरएफ सेंटर को प्रभावी तरीके से अपनाने पर जोर दिया
17 वार्डों का कूड़ा निगम उठाता है, उसका भी जल्द अनुबंध करने की बात कही गई