भ्रष्टाचार में नामजद पुलिस वालों की न हुई गिरफ्तारी, चार्जशीट भी अधूरी
मेरठ। भ्रष्टाचार के मुकदमे में नामजद पुलिस वालों पर अधिकारी भी मेहरबान है। दागी पुलिस वालों की न गिरफ्तारी हो रही और न उनके खिलाफ चार्जशीट लगी है। अधूरी चार्जशीट को कोर्ट में दाखिल करने में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। इसका फायदा दागी पुलिस वाले उठा रहे हैं। कोर्ट से स्टे लेकर पुलिसवाले खुलेआम घूम रहे हैं। भ्रष्टाचार जैसे गंभीर अपराध वाले मुकदमे में पुलिस लीपापोती कर रही है।
एक सितंबर 2021 में सदर बाजार थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा और हेड कांस्टेबल मनमोहन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज लिखा गया। विवेचना एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव कर रहे है। रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल गिरफ्तार हुआ था। जिसके खिलाफ चार्जशीट लगी और बर्खास्त की कार्रवाई हुई। इंस्पेक्टर बिजेंद्र के खिलाफ एक साल बीतने के बावजूद पुलिस चार्जशीट नहीं लग पाई। चार्जशीट लगाने के लिए शासन से अनुमति मांगी थी। शासन ने साक्ष्य अधूरे बताकर पुलिस से एक सप्ताह में जवाब मांगा था। विवेचक एसपी ट्रैफिक ने दोबारा से चार्जशीट की अनुमति के लिए साक्ष्य प्रस्तुत करते दोबारा पत्राचार किया है। इंस्पेक्टर ने कोर्ट से स्टे लिया हुआ और पुलिस लाइन में ड्यूटी कर रहे हैं।
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दो महिला दरोगा के खिलाफ जांच अटकी
मई 2022 में महिला थाने की तत्कालीन एसओ मोनिका जिंदल और दरोगा रितू काजला के खिलाफ अवैध वसूली का मुकदमा दर्ज हुआ था। एसपी देहात केशव कुमार की जांच रिपोर्ट के बाद मुकदमे में भ्रष्टाचार की धारा बढ़ी थी।
आरोप था कि दुष्कर्म के मुकदमे से नाम निकालने के एवज में सेना के जवान से दोनों महिला दरोगा ने एक लाख की मांग की थी। इसमें से 34 हजार की रिश्वत ले ली थी। इसका वीडियो भी पुलिस को सौंपा था। मुकदमे की विवेचना सीओ सिविल लाइन देवेश कुमार कर रहे हैं। अभी तक भी मुकदमे में आरोप पत्र दाखिल नहीं हुआ। पुलिस की लचर व्यवस्था से आरोपी कोर्ट से स्टे लेकर दरोगा खुलेआम घूम रही है।
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भ्रष्टाचार में भी खेल के आरोप, विवेचना बदली
10 सितंबर 2022 को लिसाड़ीगेट थाने में सिपाही सुमित गुर्जर, सिपाही जितेंद्र और दरोगा अमित जावला के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुकदमा हुआ था। इस मामले में सिपाही का नाम निकालने की चर्चा शुरू हो गई थी। इसके चलते विवेचना को सीओ दौराला को स्थानांतरण करना पड़ा। इस मुकदमे में चार्जशीट से संबंधित विवेचक ने अभी सुबूत तक नहीं जुटाए। नामजद आरोपियों से बयान दर्ज करने और वीडियो के अलावा कोई काम नहीं हुआ। इसमें भी दोनों सिपाही और दरोगा कोर्ट जाने की तैयारी में है।
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- सभी मुकदमों की विवेचना तेजी से कराई जा रही है। विवेचक द्वारा साक्ष्य जुटाकर दागी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इंस्पेक्टर पर चार्जशीट लगाने के लिए शासन को पत्राचार कराया गया है। जल्द ही सभी मामलों में अभियोग कोर्ट में चलेगा। - रोहित सिंह सजवाण