विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने दिल्ली स्थित तब्लीगी जमात के मरकज को लेकर इतना शोरगुल करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। साफ कहा कि बिना वजह इसको मजहबी रंग दिया जा रहा है। जबकि यह लड़ाई पूरी इंसानियत की लड़ाई है।
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सहारनपुर के देवबंद में बुधवार को मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि जिन लोगों ने कोरोना संक्रमण फैलने के बाद एक राज्य से दूसरे राज्य की यात्रा की है और उन्हें स्वास्थ्य में कोई शिकायत है तो वह सरकार और स्वास्थ्य विभाग के स्वस्थ संबंधी निर्देशों का पालन करते हुए नजदीकी केंद्रों पर अपनी जांच जरूर कराएं।
तब्लीगी जमात के मरकज प्रकरण को लेकर मोहतमिम ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि मरकज के मसले को जिस तरह से उछाला जा रहा है, वह गैर मुनासिब है। कोरोना की लड़ाई को मजहबी रंग देकर इसे कमजोर किया जा रहा है जो सरासर गलत है। उन्होंने दारुल उलूम को जमात प्रकरण से जोड़े जाने की निंदा की है। कहा कि कोरोना से लड़ाई किसी वर्ग या धर्म की लड़ाई नहीं है बल्कि यह पूरी इंसानियत की लड़ाई है।