बेसिक शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जहां प्रेरणा एप शुरू किया गया। वहीं अब अधिकारियों की कार्यप्रणाली की निगरानी के लिए निष्ठा एप तैयार किया गया है। अब कोई अधिकारी कार्यालय में बैठकर स्कूलों के निरीक्षण की फर्जी रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाएगा।
जिले के परिषदीय स्कूलों की बदहाली किसी से छुपी नहीं है। कहीं छात्र संख्या में गोलमाल तो कहीं शिक्षकों की उपस्थिति में खेल। स्कूलों की देखभाल में भी लापरवाही सामने आ रही है। शासन ने अपने स्तर से सभी स्कूलों की गोपनीय जांच करायी तो काफी गोलमाल सामने आया। इसके बाद सरकार ने शिक्षकों की उपस्थिति और मिडडे मील की गुणवत्ता को लेकर प्रेरणा एप जारी किया। इसके तहत शिक्षकों को दिन में तीन बार अपनी उपस्थिति और स्कूल में बच्चों के साथ फोटो खींचकर एप पर डाउनलोड करने होंगे।
निष्ठा एप से नहीं बच पाएंगे
प्रेरणा एप का भले ही शिक्षक विरोध कर रहे हों, लेकिन निष्ठा एप से शिक्षक और अधिकारी नहीं बच पाएंगे। सर्व शिक्षा अभियान के डीसी सहित सभी अधिकारियों ने निष्ठा एप डाउनलोड कर लिया है। सभी ब्लॉक से कुछ शिक्षकों को एप का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके तहत जिम्मेदार अधिकारी और शिक्षक किसी भी स्कूल में शिक्षण कार्य, विद्यालय की हालत और मिडडे मील के वितरण का जायजा लेने के दौरान एप को चालू रखेंगे। निरीक्षण करने वाला अधिकारी कम से कम 35 मिनट तक स्कूल में रहेगा। एप के माध्यम से शासन की वेबसाइट पर स्कूल की इमारत, सुविधा, बच्चे और शिक्षकों की संख्या व उपस्थिति पहुंच जाएगी। निरीक्षण करने वाले अधिकारी कुछ भी नहीं छुपा पाएंगे।
शासन को भेजी जा रही है रिपोर्ट
हमने अभी तक पांच-छह स्कूलों में निरीक्षण किया है। एप के माध्यम से पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी है। उस पर शासन में क्या संज्ञान लिया है। इसके बारे में जानकारी नहीं है। अब कोई अधिकारी स्कूलों की कमियों को नहीं छुपा पाएगा।
रश्मि अहलावत, जिला कोर्डिनेटर प्रशिक्षण, सर्व शिक्षा अभियान।