- चौधरी चरण सिंह विवि के खेल मैदान में हुई ओरिएंटियरिंग चैंपियनशिप
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की स्मृति में रविवार को ध्यानचंद फाउंडेशन की ओर से चौधरी चरण सिंह विवि के खेल मैदान में ओरिएंटियरिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। इसमें मेरठ के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों से आए 150 से अधिक छात्रों ने भाग लिया और नक्शे व दिशा-निर्धारण के सहारे अदम्य साहस, रणनीति और धैर्य का शानदार प्रदर्शन किया।
महिला वर्ग में निशाता ने स्वर्ण पदक, स्नेहा ने रजत पदक और मीनाक्षी ने कांस्य पदक जीता। पुरुष वर्ग में बॉबी बिष्ट को स्वर्ण पदक, सनी यादव को रजत पदक और वंश तोमर को कांस्य पदक मिला। विजेताओं को समिति की ओर से पदक और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। प्रतियोगिता से पूर्व मुख्य अतिथि प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी व मेजर ध्यानचंद के पौत्र गौरव ध्यानचंद ने किया। उन्होंने कहा कि ओरिएंटियरिंग केवल शारीरिक दक्षता ही नहीं, बल्कि मानसिक सजगता, त्वरित निर्णय क्षमता और रणनीतिक सोच विकसित करने का खेल है। इसे और अधिक बढ़ाया जाएगा।
यह आयोजन रविवार को पहली बार मेरठ में हुआ। इस मौके पर ओरिएंटियरिंग क्लब के अध्यक्ष उत्कर्ष राघव, सत्यप्रकाश राघव, एनआईएस कोच(वेटलिफ्टिंग), सतीश शर्मा, डॉ. दीपक मौर्य, शुभम राठौर, अभिषेक राठौर, सत्विक गोयल, एडवोकेट कपिल शर्मा, शुभम तिवारी, ईशान कुमार आदि रहे।
क्या होता है ओरिएंटियरिंग खेल
ओरिएंटियरिंग एक समयबद्ध खेल है, जिसमें प्रतिभागी प्राकृतिक या शहरी वातावरण में एक विस्तृत मानचित्र और कंपास का उपयोग करके कई चौकियों (नियंत्रण बिंदुओं) को ढूंढते हैं। प्रतिभागी इन चौकियों तक पहुंचने के लिए सबसे अच्छा मार्ग स्वयं चुनते हैं, और जो सबसे कम समय में कार्य पूरा करता है, वह जीतता है। यह एक आउटडोर साहसिक खेल है जो नेविगेशन, समस्या-समाधान और एथलेटिकिज्म को जोड़ता है।