निशा की फाइल फोटो और उसका पति प्रदीप।
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Murderous husband sent to jail: मेरठ के कस्बा हर्रा निवासी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशा चौहान हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते आरोपी पति प्रदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रदीप व निशा में प्लॉट नाम कराने को लेकर विवाद हुआ था। प्रदीप को शक था कि प्लॉट का बैनामा निशा के नाम हुआ तो वह उसे छोड़ सकती है। इसी कारण तीन जुलाई की सुबह उसने चाकू से गोदकर निशा की हत्या कर दी। निशा के भाई अंकित ने प्रदीप, विकास व राहुल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बुधवार को घटना का खुलासा करते हुए बताया कि प्रदीप व निशा ने मैनापूठी में 100 गज का प्लॉट खरीदा था। जिसकी कीमत 12 लाख रुपये थी। प्लॉट में निशा को नौ लाख रुपये देने थे, जबकि प्रदीप ने तीन लाख रुपये जमा किए थे। तीन जुलाई को उसके छोटे बेटे शुभ के जन्मदिन पर प्लॉट का बैनामा होना था। निशा अपने नाम बैनामा कराना चाहती थी, जबकि प्रदीप प्लॉट को अपने नाम करवाना चाहता था। इसे लेकर दोनों के बीच हत्याकांड से तीन दिन पहले से विवाद चल रहा था।
हत्याकांड वाले दिन भी निशा व प्रदीप में इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जिस पर प्रदीप ने गुस्से में निशा की हत्या कर आत्महत्या के प्रयास से अपने आपको भी चाकू मारकर घायल कर लिया था। पिछले 12 दिनों से प्रदीप का मेरठ के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।
बुधवार को आरोपी को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अब उसका इलाज जेल के चिकित्सकों की निगरानी में चलेगा। मुकदमे में नामजद विकास व राहुल की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच के बाद नियमनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अंधकार में तीन मासूम बच्चों का भविष्य
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशा चौहान की हत्या ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया। बल्कि तीन मासूम बच्चों का भविष्य भी अनिश्चितता में डाल दिया। निशा के इंस्टाग्राम पर करीब 27.7 हजार फॉलोअर्स और यूट्यूब पर 15 हजार सब्सक्राइबर थे। पति की आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर उन्होंने घर में ब्यूटी पार्लर शुरू किया और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई।
उनके परिवार में पति प्रदीप, दो बेटे देव और शुभ तथा बेटी एंजल सहित पांच सदस्य थे। जमीन विवाद ने इस हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। मां की हत्या में पिता के जेल जाने के बाद तीनों बच्चों के सिर से ममता का साया उठ गया है। परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।
विवादित गेट को पुलिस ने कराया बंद
निशा चौहान की सनसनीखेज हत्या के बाद पुलिस ने आखिरकार उस विवादित गेट को बंद करा दिया है, जो पिछले कई महीनों से दोनों पक्षों के बीच रंजिश की मुख्य वजह बना हुआ था। गली में नया गेट खोलने को लेकर निशा चौहान और उसके पड़ोसी विकास के बीच विवाद चल रहा था। निशा का आरोप था कि विकास ने प्रशासनिक निर्देशों और आपसी समझौतों को ताक पर रखकर जबरन गली में अतिरिक्त गेट निकाल लिया था।
इस संबंध में मृतका ने कई बार स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से लिखित शिकायत की थी। लेकिन मामले का कोई ठोस हल नहीं निकाला गया। प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई न होने से परेशान होकर निशा ने सोशल मीडिया को अपनी आवाज बनाया था। उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस विवाद से जुड़ी करीब 30 वीडियो पोस्ट की थीं। उसका एक वीडियो जिसमें वह कहती नजर आ रही थी, मिस्त्री मान जाओ, पुलिस और कानून ने मना किया है। सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इस वीडियो को 27 लाखों लोगों ने देखा था। क्षेत्र में इस बात की चर्चा है कि जिस हक और न्याय के लिए निशा महीनों तक तड़पती रही और सोशल मीडिया पर गुहार लगाती रही। वह गेट आखिरकार उसकी मौत के बाद ही बंद हो सका।