बिना सैंपल लिए ही मान लिया निर्मला की कोरोना से हुई मौत
मेरठ। थापर नगर में बृहस्पतिवार सुबह हुई 81 वर्षीय वृद्धा निर्मला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की एक और लापरवाही सामने आई है। जहां रात तक यह बताया जाता रहा था कि महिला की कोरोना वायरस की रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं, पुलिस और वृद्धा की पोती का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोई सैंपल ही नहीं लिया था। ऐसे में सवाल यह है कि जब सैंपल ही नहीं लिए तो फिर और उनकी रिपोर्ट कहां से आएगी। पुलिस के साथ पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यह कहकर अंतिम संस्कार कराया कि हमने वृद्धा की मौत को कोरोना वायरस संक्रमण से मौत होना मान लिया है।
सदर बाजार थाना क्षेत्र के 86/1 थापरनगर निवासी निर्मला गुप्ता (81) पत्नी काली चरण गुप्ता घर पर ही क्वारंटीन थीं। बृहस्पतिवार तड़के वृद्धा की घर पर ही मौत हो गई। 26 मई को वृद्धा का फाइनेंस एडवाइजर 60 वर्षीय बेटा और पुत्रवधू कोरोना पॉजिटिव आए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वृद्धा के बेटे और पुत्रवधू को सुभारती में आइसोलेट कराया था, लेकिन वृद्ध घर में ही क्वारंटीन थी। साथ में वृद्धा की 24 वर्षीय पोती मिताली भी घर में ही थीं।
वृद्धा की मौत के बाद घर में मिताली ने एसओ सदर बाजार विजय गुप्ता को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती से कहा कि वह दादी को स्पर्श न करें। स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर बुलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के न आने पर एसओ सदर बाजार ने एसीएम सदर और सीएमओ को मामले की जानकारी दी। पांच घंटे बाद दोपहर एक बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सूरजकुंड पर वृद्धा के शव का अंतिम संस्कार कराया। वृद्धा के धेवते शुभम ने मुखाग्नि दी। परिवार में सिर्फ 24 वर्षीय युवती ही घर में है। इस युवती की मां व पिता कोरोना पॉजिटिव के चलते घर नहीं आ सके।
एसओ सदर विजय गुप्ता ने बताया कि युवती की सुरक्षा के लिए महिला कांस्टेबल किन्नी पंवार की ड्यूटी लगाई है। युवती और एक नौकर की शाम को निजी लैब से सैंपलिंग कराई गई है। जबकि वृद्धा के सैंपल नहीं लिए गए थे।