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‘लंदन तोड़’ के गांव में उठेगी निर्मल हिंडन की ‘क्रांति’

Mon, 30 Oct 2017 06:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ अमित मुदगल, मेरठ
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निर्मल हिंडन
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मेरठ में ब्रितानिया हुकूमत के खिलाफ क्रांति का झंडा बुलंद करने वाले विख्यात क्रांतिकारी बीडी लंदन तोड़ के गांव भोला की झाल से एक बार फिर हिंडन को निर्मल करने की क्रांति शुरू होगी। 
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दरअसल लंदन तोड़ ने भी हिंडन को लेकर अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी। इस गांव के बाशिंदों ने एलान कर दिया है कि तीन नवंबर से निर्मल हिंडन को लेकर फिर आवाज उठेगी। इसके लिए वे निर्मल हिंडन अभियान चला रहे मंडलायुक्त से भी मिलेंगे। मेरठ के गांव भोला की झाल को क्रांतिकारी बीडी लंदन तोड़ के नाम से जाना जाता है। लंदन तोड़ विलक्षण प्रतिभा के क्रांतिकारी थे। मेरठ, बरेली तथा आगरा की जेलों में रहे। जेल में भी उन्होंने आंदोलन किए। वर्ष 1942 के आंदोलन में उन्होंने आगरा जेल में भी जेल व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन किया।

अमर उजाला से खोजी उनकी पुण्यतिथि
लंदन तोड़ के परिवार के लोग वर्षों से प्रयास कर रहे थे कि उनकी पुण्यतिथि की सही जानकारी मिल सके। वे इतिहासकारों से भी मिले। अमर उजाला में उनके बारे में छापे गए लेख पढे़। इस काम में शिद्दत से लगे उनके पौत्र अंकुर शर्मा और राजीव शर्मा ने बताया कि अमर उजाला में छपे पुराने लेख से ही पता चला कि उनका निधन तीन नवंबर 1973 को हुआ था।
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हिंडन पार करने पर लगता था टैक्स
अंग्रेजी हुकूमत में हिंडन नदी पार करने पर टैक्स लगता था। किसानों को तो खेतों तक जाने के लिए कई बार नदी पार करनी पड़ती थी तो आम आदमी भी इस टैक्स से परेशान थे। इसका लंदन तोड़ ने विरोध किया। आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। नतीजा सरकार को यह टैक्स हटाना पड़ा।

इसी तिथि पर निर्मल हिंडन से जुडेंगे ग्राम वासी
उनके पौत्र अंकुर और राजीव ने बताया कि चूंकि उनके दादाजी ने हिंडन को लेकर पहले भी आंदोलन चलाया था और अब फिर से हिंडन को निर्मल करने का अभियान शुरू हो रहा है, तो वे इस मुहिम से जुड़ेंगे। तीन नवंबर को ही इस अभियान से जुड़ने का एलान होगा। इस बाबत मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार से मिलकर इस मुहिम से जुडे़ंगे। कांवड़ हिंडन का आगाज हो रहा है। ऐसे में भोला की झाल से ग्रामीण एक-एक लोटा जल ले जाकर हिंडन में डालेंगे।

ऐसे नाम पड़ा लंदन तोड़
बीडी शर्मा का पूरा नाम बिशंभर दत्त शर्मा था। दस्तावेज बताते हैं कि वर्ष 1931 में अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह रचने के आरोप में उन्हें पुलिस ने न्यायाधीश के सामने पेश किया तो पेशकार ने नाम पूछा। उन्होंने अपना नाम बताया लंदन तोड़। पिता का नाम? जवाब आया मेनचेस्टर तोड़। मां का नाम पूछा तो उन्होंने जवाब दिया इंग्लैंड तोड़। इससे अंग्रेज न्यायाधीश जल भुन उठा और उसने उनकी सजा में पांच साल की बढ़ोतरी कर दी। तभी से उनका नाम लंदन तोड़ पड़ गया और पंडित जवाहरलाल नेहरू भी उन्हें इसी नाम से जानते थे।

अमर उजाला ने दी सटीक जानकारी
लंदन तोड़ के पौत्र अंकुर शर्मा का कहना है कि दादाजी बीडी लंदन तोड़ की पुण्यतिथि पर एक कार्यक्रम का आयोजन होगा। हम वर्षों से उनके बारे में जानकारी जुटा रहे थे। अमर उजाला में उनके बारे में सटीक जानकारी मिली। इस मौके पर हम निर्मल हिंडन अभियान से जुड़ेंगे।

यही सच्ची श्रद्धांजलि
लंदन तोड़ के पौत्र राजीव शर्मा ने कहा एक बड़े क्रांतिकारी को इससे बड़ी श्रद्धांजलि और क्या होगी कि फिर से उनके ही अंदाज में आंदोलन चले। हम वही चाहते हैं। तीन नवंबर को उनकी पुण्यतिथि पर इस निर्मल हिंडन अभियान से जुड़ने की पूरी तैयारी है।
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