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निर्माणाधीन मस्जिद का लिंटर ढहा, युवक की मौत

Fri, 09 Dec 2016 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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लिसाड़ी गेट के न्यू इस्लामनगर में बृहस्पतिवार शाम निर्माणाधीन मस्जिद का लिंटर भरभराकर ढह गया। मलबे में दबकर एक युवक की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। जेसीबी और क्रेन की मदद से करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद युवक का शव निकाला जा सका। हादसे के समय निर्माणाधीन मस्जिद में ही टीन शेड के नीचे करीब एक दर्जन लोग नमाज पढ़ रहे थे, जिन्होंने किसी तरह भागकर जान बचायी।
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पुलिस के अनुसार लक्खीपुरा के समीप न्यू इस्लामनगर गली-28 में कूबा मस्जिद का निर्माण चल रहा है। दो माह पहले मस्जिद के निर्माण के लिए पिलर खड़े कर दिए गए थे। मस्जिद के मौलाना हकीमुद्दीन ने शेरगढ़ी, मेडिकल निवासी हरीश को निर्माण का ठेका दे रखा था। बृहस्पतिवार को मस्जिद में पहली मंजिल के लिए लिंटर डाला जा रहा था। शाम करीब पांच बजे आधे भाग पर लिंटर डाला गया। जिसके बाद ठेकेदार और मजदूरों ने आधा लिंटर शुक्रवार को डालने की बात कही।
शाम करीब 5:30  बजे लिंटर के नीचे पांच लोग काम कर रहे थे। जबकि मौलाना मस्जिद परिसर में ही टीन शेड में कुछ लोगों के साथ नमाज अदा कर रहे थे। इस बीच अचानक निर्माणाधीन मस्जिद के पिलर खिसकने शुरू हो गए। जैसे ही टीनशेड पर मलबा आकर गिरना शुरू हुआ तो वहां मौजूद लोग जान बचाकर भागने लगे। देखते ही देखते पूरा लिंटर भरभराकर ढह गया। मलबे में शेरगढ़ी निवासी मजदूर सचिन (19) पुत्र ऋषिपाल और संजय दब गए। जबकि सचिन का पिता ऋषिपाल, अमित और ठेकेदार हरीश भी चोटिल हो गए। जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई।
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हादसे की सूचना पर पुलिस, प्रशासन, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे। निगम की क्रेन और जेसीबी से करीब 40 मिनट बाद मलबे से सचिन को निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। समाचार लिखे जाने तक संजय की तलाश चल रही थी। हालांकि पुलिस ने संजय के मलबे में दबे होने की बात से इंकार किया है।

मस्जिद गिरने के कारणों की होगी जांच : एडीएम  
 निर्माणाधीन मस्जिद का लिंटर ढहने की सूचना पर एडीएम सिटी मुकेश चंद्र तुरंत टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तत्काल एक्शन लेने पर स्थिति काबू में आना बताया। कहा कि मोहल्ले के लोगों ने एकजुटता और साहस का परिचय देते हुए नगर निगम की टीम के साथ मलबा हटाने का कार्य किया। मौके पर जो मजदूर काम कर रहे थे, उन्होंने बताया कि कुल 11 आदमी थे। इसके बाद सभी लोगों को इकट्ठा करते हुए बात की गयी तो पता चला कि सभी को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है। फिर भी एहतियात के तौर पर मलबा हटाने का काम चल रहा है, ताकि कोई दबा न रह जाए।  
एडीएम सिटी के अनुसार घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिनको सरकारी स्तर पर बेहतर इलाज की व्यवस्था करायी जा रही है। निर्माणाधीन मस्जिद कैसे गिरी, इसकी जांच करायी जाएगी। फिलहाल पूरी घटना की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जा रही है।

मलबा हटाने को लगा निगम का अमला  
 निर्माणाधीन मस्जिद का मलबा हटाने के लिए पहुंचा नगर निगम का अमला तुरंत जुट गया। नगरायुक्त देवेंद्र कुशवाहा, मुख्य अभियंता कुलभूषण वार्ष्णेय, अधिशासी अभियंता मोइनुद्दीन, सहायक अभियंता रामकृष्ण सहाय आदि मौके पर ही डटे रहे। अफसरों ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही तीन जेसीबी, जनरेटर और मलबा उठाने वाली गाड़ियां कर्मचारियों के साथ भेजी गई। शाम सात बजे से रात करीब 11 बजे तक मलबा हटाने का काम चला। 
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