मेरठ। न्यायालय अपर जिला विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम ने जानी क्षेत्र के गांव सालेहनगर के जावेद हत्याकांड में नौ आरोपियों नासिर, शादाब, इमरान, शेरदीन, भूरा उर्फ यूसुफ, करीम, आसिफ, वरीस और शौकत निवासी सालेहनगर को दोषी मानते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास और 40-40 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। वारदात के नौ साल बाद न्यायालय का यह फैसला आया।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि गांव सालेहनगर निवासी रजाद्दीन पुत्र शरूद्दीन ने थाना जानी में 26 जून 2016 को हत्या व हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि घटना के दिन सुबह करीब 10:30 बजे दोनों पक्षों की महिलाओं में आपस में कहासुनी व गाली गलौज हो रही थी। उन्हें छुड़ाने के लिए चाचा का लड़का जावेद पुत्र मेहरुद्दीन बीच में गया। तभी अचानक आरोपियों ने तमंचे व ईंट से मारपीट शुरू कर दी। बाद में तमंचे से गोली मारकर जावेद की हत्या कर दी।
पुलिस ने विवेचना कर सभी को आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद पुलिस ने 26 अगस्त 2016 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए थे। आरोपियों की ओर से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। वादी के अधिवक्ता और अभियोजन पक्ष ने विरोध करते हुए आरोपियों के खिलाफ गवाह पेश किए। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर नौ आरोपियों को दोषी करार देकर सजा सुनाई। सजा पाने वाले नासिर और आसिफ सगे भाई हैं, जबकि शेरदीन व इमरान तथा शौकत व भूरा पिता-पुत्र हैं। एसएसपी ने बताया कि पुलिस की अच्छी पैरवी के चलते आरोपियों को सजा मिली है।