बिजनौर में रहस्यमय बुखार की चपेट में आकर एक युवक और एक महिला की मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार दोनों दो-तीन दिन से बुखार से पीड़ित थे। दोनों का उपचार चल रहा था। बुधवार की रात तेज बुखार के साथ पेट व पैरों में भयंकर दर्द हुआ और कुछ देर के बाद ही उनकी मौत हो गई। इसके अलावा गांव के सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग बीमार लोगों की सुध लेने को तैयार नहीं है।
गांव राजा का ताजपुर निवासी अरशद (22) को दो दिन से बुखार था। परिजनों के अनुसार उसका गांव के ही निजी चिकित्सक से उपचार चल रहा था। बुधवार की रात अरशद को तेज बुखार के साथ पेट व पैरों में भयंकर दर्द की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए मुरादाबाद ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा महमूद अहमद की पत्नी शहनाज (35) की पांच दिन पूर्व डिलीवरी हुई थी। इसके दो दिन बाद उसे बुखार ने जकड़ लिया। शहनाज का परिजनों ने गांव में ही उपचार कराया, लेकिन उसे बुखार से आराम नहीं मिला। बुधवार की शाम हालत बिगड़ने पर परिजन उसे मुरादाबाद ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
वहीं बिजनौर के नांगलसोती में बुखार से पीड़ित एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। नांगलसोती, भागूवाला, जलालाबाद, मंडावली क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में बुखार का प्रकोप जारी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुछ गांव में स्वास्थ्य शिविर भी लगाए गए हैं। पर्याप्त संसाधनों के अभाव में बुखार पीड़ितों को प्राइवेट चिकित्सकों से महंगा इलाज करना पड़ रहा है। काफी लंबे समय से बुखार से पीड़ित नांगलसोती निवासी इश्हाक की छह वर्षीय आयशा को परिजन सुधार न होने पर जौलीग्रांट ले गए। तबीयत बिगड़ने पर जौलीग्रांट के चिकित्सकों ने बच्ची को अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बुखार से पीड़ित मासूम बच्ची ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
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