सरकारी अस्पतालों में हो प्राइवेट जैसी व्यवस्था
सरकारी अस्पताल में एक रिश्तेदार को भर्ती कराया था। बिल्कुल अच्छी व्यवस्था नहीं थी। जबकि प्राइवेट में काफी बेहतर व्यवस्था मिली। सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था भी दुरुस्त की जानी चाहिए। - आरती, छात्रा
हरियाली पर दिया जाए ध्यान
पर्यावरण को लेकर किताबों में पढ़ाया जाता है। लेकिन असल में बिल्कुल कार्य नहीं होता है। पौधरोपण ज्यादा से ज्यादा होना चाहिए। मेयर ऐसा हो जो हरियाली पर ध्यान दे। - हर्ष, छात्र
आवारा पशुओं के लिए बनाए जाएं आश्रय
शहर का मेयर ऐसा होना चाहिए जो सफाई पर ज्यादा ध्यान दे और पशुओं पर भी गौर करे। आवारा पशुओं के लिए बेहतर आश्रय बनाए जाने चाहिएं। ताकि वह कूड़े में न रहें। - अनु भारद्वाज, छात्रा
सड़कें हो ठीक, कूड़े का हो निस्तारण
शहर की सड़के बहुत ही खराब हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाता है। जहां सड़क ठीक भी हैं, वहां कूड़ा पड़ा रहता है। इन दोनों चीजों पर खासतौर से ध्यान दिया जाना चाहिए। सड़के ठीक हों और कूड़े का भी निस्तारण करें। - सुरभि गुप्ता, छात्रा
सफाईकर्मी और पार्षद के बीच हो तालमेल
हमारे क्षेत्र में सफाईकर्मी और पार्षद के बची तालमेल न होने से सफाई व्यवस्था अक्सर खराब राहती है। कई बार शिकायत करने पर भी कुछ नहीं होता है। पार्षद ऐसे चुने जाने चाहिएं, जो सफाई कर्मियों के साथ तालमेल बनाकर रखें। ताकि सफाई व्यवस्था भी बनी रहे।
- खुशी वर्मा, छात्रा
मुख्य सड़कों से नाले ढके जाएं
मुख्य सड़कों पर भी नाले ढके नहीं हैं। हाल ही में हमारे क्षेत्र में एक बच्ची नाले में गिर गई थी। खुले नालों से बहुत परेशानी होती है और लोग इनमें कूड़ा भी डालते हैं। यह नाले कवर किए जाने चाहिएं।
- मनस्वी गौड़, छात्रा
स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था हो दुरुस्त
आनंदपुरी में रहता हूं, क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की दिक्कत है। हाल ही में रात के समय में लाइट न होने से छोटी बच्ची के साथ दुर्घटना हो गईथिी। स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था वार्डों में दुरुस्त होनी चाहिए।
-विनीत सैनी, छात्र
चुनाव के बाद भी वार्डों की समस्या पर दें ध्यान
चुनाव के समय सभी मेयर और पार्षद प्रत्याशी वार्डों में नजर आते हैं और घर-घर जाकर समस्याएं पूछते हैं। लेकिन चुनाव के बाद भी वार्डों की समस्याओं पर ध्यान देने वाले मेयर और पार्षद होने चाहिए, जो समस्याओं को असल में समाधान करें।
- यश शर्मा, छात्र